चंदौली में जय भारत मंच का बड़ा आयोजन, संत समागम-हरिकथा में शामिल होंगे देश के प्रतिष्ठित संत

Spread the love & Share it

संत समागम-हरिकथा

Chandauli News: चंदौली के चहनियां क्षेत्र में 12 जून को एक भव्य आध्यात्मिक एवं सांस्कृतिक आयोजन होने जा रहा है। काशी प्रांत के तत्वावधान में जय भारत मंच द्वारा आयोजित “संत समागम-हरिकथा” कार्यक्रम को लेकर तैयारियां पूरी कर ली गई हैं। आयोजकों का दावा है कि यह आयोजन समाज में आध्यात्मिक चेतना, सांस्कृतिक मूल्यों और सामाजिक सद्भाव को मजबूत करने का माध्यम बनेगा।

जय भारत मंच काशी प्रांत के अध्यक्ष उपेन्द्र नाथ सिंह ‘गुड्डू’ ने बताया कि कार्यक्रम का उद्देश्य समाज को सकारात्मक विचारों, भारतीय संस्कृति और संतों के मार्गदर्शन से जोड़ना है। उन्होंने कहा कि वर्तमान समय में युवाओं और समाज को संस्कार, आध्यात्मिकता और राष्ट्रहित के मूल्यों से जोड़ना बेहद आवश्यक है।

संतों के सान्निध्य में होगा हरिकथा का आयोजन

आयोजन में देश के प्रतिष्ठित संतों और विद्वानों की उपस्थिति रहेगी। कार्यक्रम में परम श्रद्धेय स्वामी श्री अनन्तानन्द सरस्वती जी महाराज कथा व्यास के रूप में हरिकथा का वाचन करेंगे और श्रद्धालुओं को आध्यात्मिक संदेश देंगे।

वहीं परम श्रद्धेय स्वामी श्री जितेन्द्रानन्द सरस्वती जी महाराज मुख्य अतिथि के रूप में कार्यक्रम में शामिल होंगे और उपस्थित लोगों को संबोधित करेंगे।

चहनियां के समदपुर में होगा आयोजन

आयोजकों के अनुसार यह कार्यक्रम 12 जून 2026 को समदपुर, चहनियां (चंदौली) में आयोजित किया जाएगा। कार्यक्रम का शुभारंभ सायं 5 बजे होगा। इसके बाद श्रद्धालुओं के लिए रात्रि 8 बजे भंडारा प्रसाद की भी व्यवस्था की गई है।

समाज में सद्भाव और संस्कारों का संदेश

उपेन्द्र नाथ सिंह ‘गुड्डू’ ने कहा कि ऐसे आयोजन केवल धार्मिक कार्यक्रम नहीं होते, बल्कि समाज को एकजुट करने और सकारात्मक दिशा देने का कार्य भी करते हैं। उन्होंने कहा कि संतों का मार्गदर्शन लोगों में सद्भाव, संस्कार, नैतिकता और राष्ट्रभक्ति की भावना को मजबूत करता है।

उन्होंने बताया कि कार्यक्रम में क्षेत्र के गणमान्य नागरिकों, समाजसेवियों, युवाओं और बड़ी संख्या में धर्मप्रेमियों के शामिल होने की संभावना है।

श्रद्धालुओं से की विशेष अपील

जय भारत मंच की ओर से क्षेत्रवासियों और श्रद्धालुओं से कार्यक्रम में समय पर पहुंचकर संतों के सान्निध्य का लाभ लेने की अपील की गई है। आयोजकों का कहना है कि संत समागम और हरिकथा के माध्यम से समाज में आध्यात्मिक जागरण और सांस्कृतिक चेतना को नई ऊर्जा मिलेगी।

आयोजन समिति ने इसे क्षेत्र के प्रमुख धार्मिक एवं सांस्कृतिक कार्यक्रमों में से एक बताते हुए अधिक से अधिक लोगों की सहभागिता सुनिश्चित करने का आह्वान किया है।


Spread the love & Share it

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *