
Chandauli News: उत्तर प्रदेश राज्य महिला आयोग की सदस्य सुनीता श्रीवास्तव ने बुधवार को जिले के दौरे के दौरान पीडब्ल्यूडी गेस्ट हाउस में आयोजित महिला जनसुनवाई में महिलाओं और बालिकाओं की समस्याएं सुनीं। इस दौरान जिले के विभिन्न क्षेत्रों से पहुंचीं महिलाओं ने दहेज उत्पीड़न, घरेलू हिंसा, भूमि एवं संपत्ति विवाद समेत कई मामलों में शिकायतें दर्ज कराईं। आयोग की सदस्य ने प्रत्येक प्रकरण को गंभीरता से लेते हुए संबंधित अधिकारियों को त्वरित, निष्पक्ष और पारदर्शी कार्रवाई सुनिश्चित करने के निर्देश दिए।
दहेज, घरेलू हिंसा और संपत्ति विवाद के मामलों पर हुई सुनवाई
महिला जनसुनवाई के दौरान सबसे अधिक शिकायतें दहेज उत्पीड़न, घरेलू हिंसा और भूमि एवं संपत्ति विवाद से जुड़ी रहीं। राज्य महिला आयोग की सदस्य सुनीता श्रीवास्तव ने सभी मामलों की विस्तार से सुनवाई की और संबंधित विभागों के अधिकारियों को निर्देश दिया कि पीड़ित महिलाओं को समयबद्ध न्याय दिलाने के लिए आवश्यक कार्रवाई तत्काल की जाए।
उन्होंने स्पष्ट कहा कि महिलाओं से जुड़े मामलों में किसी भी प्रकार की लापरवाही स्वीकार नहीं की जाएगी और शिकायतों का निस्तारण संवेदनशीलता एवं पारदर्शिता के साथ किया जाना चाहिए।
सिकरी गांव में जन चौपाल लगाकर सुनी ग्रामीण महिलाओं की समस्याएं
जनसुनवाई से पहले राज्य महिला आयोग की सदस्य ने सिकरी गांव पहुंचकर जन चौपाल का आयोजन किया। इस दौरान उन्होंने ग्रामीण महिलाओं और स्थानीय नागरिकों से सीधे संवाद कर उनकी समस्याओं और आवश्यकताओं की जानकारी ली।
उन्होंने अधिकारियों को निर्देशित किया कि महिलाओं के कल्याण के लिए संचालित सभी सरकारी योजनाओं का लाभ प्रत्येक पात्र महिला तक बिना किसी भेदभाव के पहुंचे। साथ ही यह भी सुनिश्चित किया जाए कि महिलाओं की शिकायतों का प्राथमिकता के आधार पर समयबद्ध समाधान किया जाए।
सरकारी योजनाओं का लाभ हर पात्र महिला तक पहुंचाने पर दिया जोर
सुनीता श्रीवास्तव ने कहा कि सरकार महिलाओं के सशक्तिकरण और सुरक्षा के लिए अनेक योजनाएं संचालित कर रही है। इन योजनाओं का वास्तविक लाभ तभी संभव है, जब प्रशासन पूरी पारदर्शिता और जवाबदेही के साथ उन्हें अंतिम व्यक्ति तक पहुंचाए। उन्होंने अधिकारियों से कहा कि महिलाओं से जुड़े मामलों में संवेदनशीलता के साथ कार्य करें और किसी भी शिकायत को लंबित न रखें।
ये अधिकारी रहे मौजूद
कार्यक्रम में जिला प्रोबेशन अधिकारी प्रभात कुमार, क्षेत्राधिकारी, अपर मुख्य चिकित्साधिकारी, पिछड़ा वर्ग कल्याण अधिकारी रत्नेश सिंह, जिला समाज कल्याण अधिकारी सहित विभिन्न विभागों के अधिकारी मौजूद रहे। सभी अधिकारियों को महिला आयोग की ओर से शिकायतों के प्रभावी एवं समयबद्ध निस्तारण के लिए आवश्यक दिशा-निर्देश दिए गए।