
Chandauli News: चंदौली में छह सूत्रीय मांगों को लेकर जिला मुख्यालय पर आयोजित समाजवादी पार्टी के धरना-प्रदर्शन के बाद पुलिस ने बड़ा कदम उठाया है। सदर कोतवाली पुलिस ने पूर्व विधायक मनोज सिंह ‘डब्लू’ समेत समाजवादी पार्टी के 9 नेताओं और 200 से 250 अज्ञात कार्यकर्ताओं के खिलाफ 10 गंभीर धाराओं में मुकदमा दर्ज किया है। इस कार्रवाई के बाद जिले की राजनीतिक सरगर्मियां तेज हो गई हैं।
इन सपा नेताओं को बनाया गया नामजद आरोपी
पुलिस की ओर से दर्ज मुकदमे में पूर्व विधायक मनोज सिंह डब्लू, सांसद प्रतिनिधि नवीन सिंह, सपा जिलाध्यक्ष सत्यनारायण राजभर, पूर्व विधायक प्रत्याशी चंद्रशेखर यादव, जिला पंचायत सदस्य अंजनी सिंह, सपा के राष्ट्रीय प्रवक्ता मनोज सिंह काका, पूर्व चेयरमैन मुसाफिर सिंह चौहान, पिछड़ा मोर्चा के जिलाध्यक्ष डॉ. वीके बिंद और जिला महासचिव नफीस अहमद को नामजद किया गया है।
इसके अलावा 200 से 250 अज्ञात कार्यकर्ताओं को भी मुकदमे में शामिल किया गया है।
छह सूत्रीय मांगों को लेकर हुआ था प्रदर्शन
समाजवादी पार्टी ने शुक्रवार को विकास भवन के पास छह सूत्रीय मांगों के समर्थन में धरना-प्रदर्शन आयोजित किया था। प्रदर्शन के दौरान गंगा कटान रोकने, बिजली व्यवस्था सुधारने, जल जीवन मिशन की खामियों को दूर करने, अमड़ा पावर हाउस की क्षमता बढ़ाने और नहरों में पानी छोड़े जाने जैसी मांगों को प्रमुखता से उठाया गया।
सपा नेताओं ने सरकार पर जनसमस्याओं की अनदेखी का आरोप लगाते हुए प्रशासन को ज्ञापन सौंपने का कार्यक्रम भी तय किया था।
डीएम कार्यालय की ओर बढ़े कार्यकर्ता
धरना समाप्त होने के बाद बड़ी संख्या में सपा कार्यकर्ता और पदाधिकारी जुलूस के रूप में जिलाधिकारी कार्यालय की ओर बढ़ने लगे। पुलिस ने भीड़ को नियंत्रित करने और कानून-व्यवस्था बनाए रखने के लिए उन्हें रोकने का प्रयास किया।
पुलिस के अनुसार कार्यकर्ता नारेबाजी करते हुए आगे बढ़ते रहे, जिससे मौके पर तनाव की स्थिति उत्पन्न हो गई। भीड़ को नियंत्रित करने में पुलिस को काफी मशक्कत करनी पड़ी।
प्रभारी निरीक्षक की तहरीर पर दर्ज हुआ मुकदमा
पूरे घटनाक्रम के बाद सदर कोतवाली के प्रभारी निरीक्षक बीके पांडेय की तहरीर पर मुकदमा दर्ज किया गया। पुलिस ने प्रदर्शन के दौरान कानून-व्यवस्था प्रभावित होने और प्रशासनिक व्यवस्था में बाधा उत्पन्न करने के आरोपों को आधार बनाकर कार्रवाई की है।
राजनीतिक हलकों में बढ़ी चर्चा
सपा के वरिष्ठ नेताओं के खिलाफ मुकदमा दर्ज होने के बाद जिले की राजनीति गरमा गई है। पार्टी कार्यकर्ता इसे राजनीतिक दबाव की कार्रवाई बता रहे हैं, जबकि पुलिस का कहना है कि कानून-व्यवस्था बनाए रखने के लिए आवश्यक कानूनी कार्रवाई की गई है।
अब इस मामले को लेकर जिले में राजनीतिक बयानबाजी तेज होने की संभावना है और आने वाले दिनों में यह मुद्दा और अधिक चर्चा का विषय बन सकता है।