चंदौली में किसानों के लिए बड़ी योजना: खेत तालाब निर्माण पर 52,500 की सहायता, जानिए कैसे मिलेगा लाभ

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Chandauli News: चंदौली के किसानों के लिए अच्छी खबर है। जल संरक्षण और आधुनिक कृषि को बढ़ावा देने के उद्देश्य से जिला प्रशासन ने वित्तीय वर्ष 2026-27 के लिए कई महत्वपूर्ण योजनाओं को मंजूरी दे दी है। अब ‘पर ड्रॉप मोर क्रॉप’ योजना के तहत किसानों को खेत तालाब निर्माण पर ₹52,500 तक की सब्सिडी मिलेगी। इसके अलावा पात्र किसानों को पंपसेट खरीदने पर अधिकतम ₹15,000 का अनुदान भी दिया जाएगा। योजनाओं का लाभ सीधे किसानों के बैंक खाते में डीबीटी (DBT) के माध्यम से भेजा जाएगा।

जिलाधिकारी की अध्यक्षता में हुई अहम बैठक

मंगलवार को कलेक्ट्रेट सभागार में जिलाधिकारी चंद्र मोहन गर्ग की अध्यक्षता में जिला भूमि एवं जल संरक्षण समिति तथा जिला मिशन समिति की बैठक आयोजित हुई। बैठक में पिछले वित्तीय वर्ष 2025-26 के कार्यों की समीक्षा के साथ वर्ष 2026-27 की नई कार्ययोजना को स्वीकृति प्रदान की गई।

बैठक के दौरान जल संरक्षण, सूक्ष्म सिंचाई और कृषि उत्पादकता बढ़ाने से जुड़े विभिन्न प्रस्तावों पर विस्तार से चर्चा हुई।

13 खेत तालाबों के निर्माण को मिली मंजूरी

जिला भूमि संरक्षण अधिकारी ने बताया कि राष्ट्रीय कृषि विकास योजना के अंतर्गत संचालित ‘पर ड्रॉप मोर क्रॉप (अदर इंटरवेंशन)’ योजना के तहत जनपद को इस वर्ष 13 खेत तालाबों के निर्माण का लक्ष्य मिला है।

इन तालाबों का आकार 22×20×3 मीटर निर्धारित किया गया है। इनमें सामान्य वर्ग के लिए 11 और अनुसूचित जाति वर्ग के लिए 2 लक्ष्य तय किए गए हैं। सामान्य वर्ग के सभी 11 लाभार्थियों का चयन किया जा चुका है, जबकि अनुसूचित जाति के दो लाभार्थियों का चयन शेष है।

किसानों को मिलेगी ₹52,500 की सब्सिडी

योजना के तहत प्रत्येक पात्र किसान को खेत तालाब निर्माण की लागत पर 50 प्रतिशत अनुदान, यानी अधिकतम ₹52,500 की आर्थिक सहायता दी जाएगी। यह राशि दो किश्तों में सीधे किसानों के बैंक खाते में डायरेक्ट बेनिफिट ट्रांसफर (DBT) के माध्यम से भेजी जाएगी।

प्रशासन का कहना है कि इससे वर्षा जल संचयन को बढ़ावा मिलेगा और सिंचाई की समस्या काफी हद तक दूर होगी।

पंपसेट खरीदने पर भी मिलेगा अनुदान

बैठक में किसानों को सिंचाई सुविधाएं मजबूत करने के लिए पंपसेट पर भी सहायता देने का निर्णय लिया गया। पात्र किसानों को पंपसेट खरीदने पर 50 प्रतिशत अनुदान, अधिकतम ₹15,000 तक दिया जाएगा।

हालांकि यह लाभ केवल उन्हीं किसानों को मिलेगा, जिन्होंने खेत तालाब का निर्माण पूरा कर लिया हो और सूक्ष्म सिंचाई प्रणाली स्थापित की हो।

इन किसानों को मिलेगा योजना का लाभ

जिला प्रशासन ने योजना की पात्रता भी स्पष्ट कर दी है। योजना का लाभ उन्हीं किसानों को मिलेगा—

  • जिन्होंने पिछले सात वर्षों के भीतर अपने खेत में सूक्ष्म सिंचाई प्रणाली स्थापित की हो और वह वर्तमान में चालू स्थिति में हो।
  • यदि किसी किसान ने पहले सूक्ष्म सिंचाई प्रणाली नहीं लगाई है, लेकिन अब खेत तालाब के साथ इसे स्थापित करना चाहता है, तो उसे सत्यापन के दौरान उद्यान विभाग द्वारा जारी त्रिपक्षीय अनुबंध प्रस्तुत करना होगा।
  • पंपसेट पर अनुदान तभी मिलेगा, जब खेत तालाब निर्माण कार्य पूरा हो चुका हो और सूक्ष्म सिंचाई प्रणाली भी स्थापित कर दी गई हो।

अन्य योजनाओं को भी मिली स्वीकृति

बैठक में पंडित दीनदयाल उपाध्याय किसान समृद्धि योजना के तहत 350 हेक्टेयर क्षेत्र के लक्ष्य को मंजूरी दी गई। वहीं वर्षा सिंचित क्षेत्र विकास योजना के अंतर्गत 30.50 हेक्टेयर भूमि पर कार्य कराने के लिए 72 लाभार्थियों के प्रस्तावों को भी स्वीकृति प्रदान की गई।

प्रशासन का मानना है कि इन योजनाओं से जल संरक्षण के साथ-साथ कृषि उत्पादन और किसानों की आय में भी बढ़ोतरी होगी।

ऐसे करें आवेदन

योजना का लाभ लेने के इच्छुक किसान कृषि विभाग की आधिकारिक वेबसाइट agriculture.up.gov.in पर ऑनलाइन आवेदन कर सकते हैं। आवेदन प्रक्रिया पूरी होने के बाद पात्रता के आधार पर लाभार्थियों का चयन किया जाएगा।

बैठक में ये अधिकारी रहे मौजूद

बैठक में मुख्य विकास अधिकारी आर. जगत साई, उप कृषि निदेशक भीमसेन, मुख्य पशु चिकित्साधिकारी, जिला भूमि संरक्षण अधिकारी, जिला कृषि अधिकारी सहित विभिन्न विभागों के वरिष्ठ अधिकारी उपस्थित रहे। अधिकारियों ने योजनाओं के प्रभावी क्रियान्वयन और किसानों तक समय पर लाभ पहुंचाने का भरोसा दिलाया।


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