
UP Weather Alert: उत्तर प्रदेश में आखिरकार दक्षिण-पश्चिम मानसून पूरी तरह सक्रिय हो गया है। वाराणसी समेत पूर्वांचल के कई जिलों में बारिश के बाद लोगों को भीषण गर्मी से राहत मिली है। हालांकि राहत के साथ मौसम विभाग ने अगले 48 घंटों के लिए येलो अलर्ट जारी करते हुए तेज हवाओं, गरज-चमक और आकाशीय बिजली गिरने की चेतावनी दी है। मौसम वैज्ञानिकों का कहना है कि आने वाले कुछ दिन प्रदेश के लिए मौसम की दृष्टि से काफी महत्वपूर्ण रहने वाले हैं।
वाराणसी में बारिश से तापमान गिरा, उमस अब भी बरकरार
मौसम विज्ञान केंद्र के अनुसार, पिछले 24 घंटों में वाराणसी में 6 मिलीमीटर बारिश दर्ज की गई। बारिश के बाद अधिकतम तापमान घटकर 34.3 डिग्री सेल्सियस पहुंच गया, जो सामान्य से 1.1 डिग्री कम है। वहीं न्यूनतम तापमान 27 डिग्री सेल्सियस रिकॉर्ड किया गया, जो सामान्य के बराबर है।
हालांकि बारिश के बावजूद लोगों को उमस से पूरी तरह राहत नहीं मिली है। सुबह के समय 90 प्रतिशत और शाम को 86 प्रतिशत सापेक्षिक आर्द्रता दर्ज की गई, जिससे वातावरण में भारीपन बना हुआ है।
IMD का येलो अलर्ट, तेज हवाओं और बिजली गिरने की चेतावनी
मौसम विज्ञानी अतुल कुमार सिंह ने बताया कि शुरुआती दो दिनों के लिए वाराणसी और आसपास के क्षेत्रों में येलो अलर्ट जारी किया गया है।
पूर्वानुमान के अनुसार—
- आसमान में आमतौर पर बादल छाए रहेंगे।
- गरज-चमक के साथ कई दौर की बारिश हो सकती है।
- 40 से 50 किलोमीटर प्रति घंटे की रफ्तार से तेज हवाएं चल सकती हैं।
- कई स्थानों पर आकाशीय बिजली गिरने की संभावना भी जताई गई है।
3 से 7 जुलाई तक कैसा रहेगा मौसम?
मौसम विभाग के अनुसार—
- 3 और 4 जुलाई को आंशिक रूप से बादल छाए रहेंगे और एक-दो दौर की बारिश संभव है।
- अधिकतम तापमान 33 से 34 डिग्री सेल्सियस के बीच रहने का अनुमान है।
- 7 जुलाई से फिर बादलों की गतिविधियां बढ़ेंगी और बारिश के नए दौर शुरू हो सकते हैं।
- इस दौरान तापमान हल्का बढ़कर 35 से 36 डिग्री सेल्सियस तक पहुंच सकता है।
लोगों के लिए एडवाइजरी जारी
मौसम विभाग ने लोगों से विशेष सावधानी बरतने की अपील की है।
- गरज-चमक के दौरान खुले मैदान में न रहें।
- पेड़ों और बिजली के खंभों के नीचे शरण लेने से बचें।
- तेज हवा और बिजली गिरने की स्थिति में सुरक्षित स्थान पर रहें।
- अनावश्यक यात्रा से बचें।
पूरे उत्तर प्रदेश में सक्रिय हुआ मानसून
मौसम विभाग के मुताबिक, दक्षिण-पश्चिम मानसून अब पूरे उत्तर प्रदेश को कवर कर चुका है।आमतौर पर मानसून प्रदेश में 18 से 20 जून के बीच प्रवेश करता है, लेकिन इस वर्ष इसकी एंट्री लगभग 10 से 12 दिन की देरी से हुई। मानसून ने 30 जून को उत्तर प्रदेश में प्रवेश किया और अनुकूल परिस्थितियों के चलते अब पूरे राज्य में फैल चुका है।
विशेषज्ञों के अनुसार, सामान्य वर्षों में मानसून 30 जून तक उत्तर प्रदेश और उत्तराखंड को पूरी तरह कवर कर लेता है। इस बार यह प्रक्रिया सामान्य से केवल दो दिन की देरी से पूरी हुई।
पूर्वी उत्तर प्रदेश में अब भी 52% कम बारिश
मानसून सक्रिय होने के बावजूद पूर्वी उत्तर प्रदेश में अब तक सामान्य से काफी कम वर्षा दर्ज की गई है।
मौसम विभाग के आंकड़ों के अनुसार-
- अब तक सामान्य बारिश: 120.3 मिमी
- वास्तविक बारिश: 57.5 मिमी
- कमी: 52 प्रतिशत
विशेषज्ञों का मानना है कि यदि आने वाले दिनों में अच्छी बारिश नहीं हुई तो धान की रोपाई और खरीफ फसलों पर असर पड़ सकता है। हालांकि मौजूदा मौसम प्रणाली को देखते हुए अगले सप्ताह बारिश की गतिविधियों में तेजी आने की संभावना जताई जा रही है।