देश के सबसे अमीर मंदिरों की लिस्ट: नंबर-1 पर तिरुपति, जानिए राम मंदिर और काशी विश्वनाथ की कमाई

Spread the love & Share it

Top Richest Temples India

Top Richest Temples India: अयोध्या के श्रीराम जन्मभूमि मंदिर में चढ़ावे को लेकर हाल में उठे विवाद के बाद एक सवाल लोगों के बीच लगातार चर्चा में है- आखिर भारत का सबसे ज्यादा चढ़ावा पाने वाला मंदिर कौन-सा है? क्या राम मंदिर सबसे ऊपर है या कोई दूसरा धार्मिक स्थल दान के मामले में उससे कहीं आगे है? उपलब्ध आंकड़ों पर नजर डालें तो तस्वीर काफी दिलचस्प है। देश के कई प्रसिद्ध मंदिर हर साल करोड़ों ही नहीं, बल्कि हजारों करोड़ रुपये तक का चढ़ावा प्राप्त करते हैं।

तिरुपति बालाजी: दान के मामले में देश का सबसे अमीर मंदिर

आंध्र प्रदेश स्थित तिरुमला तिरुपति बालाजी मंदिर देश ही नहीं, दुनिया के सबसे समृद्ध मंदिरों में गिना जाता है। भगवान श्री वेंकटेश्वर को समर्पित इस मंदिर में हर साल करीब 1,880 करोड़ रुपये का चढ़ावा आता है। मंदिर का संचालन तिरुमला तिरुपति देवस्थानम (TTD) करता है। यहां की केशदान परंपरा और विशाल दान व्यवस्था इसे देश का सबसे धनी मंदिर बनाती है।

माता वैष्णो देवी मंदिर दूसरे स्थान पर

जम्मू-कश्मीर के त्रिकुट पर्वत पर स्थित माता वैष्णो देवी मंदिर में हर साल लाखों श्रद्धालु दर्शन के लिए पहुंचते हैं। श्री माता वैष्णो देवी श्राइन बोर्ड के अधीन संचालित इस मंदिर में सालाना लगभग 230 करोड़ रुपये का चढ़ावा आता है। श्रद्धालु करीब 12 किलोमीटर की पैदल यात्रा कर माता के दरबार में पहुंचते हैं।

राम मंदिर भी टॉप मंदिरों की सूची में शामिल

22 जनवरी 2024 को प्राण प्रतिष्ठा के बाद श्रद्धालुओं के लिए खुले श्रीराम जन्मभूमि मंदिर, अयोध्या में हर साल लगभग 150 करोड़ रुपये का चढ़ावा आने का अनुमान है। मंदिर में प्रतिदिन बड़ी संख्या में श्रद्धालु दर्शन करने पहुंच रहे हैं। हाल में चढ़ावे को लेकर सामने आए विवाद के कारण यह मंदिर फिर चर्चा में है।

सिद्धिविनायक मंदिर में भी करोड़ों का दान

मुंबई का प्रसिद्ध सिद्धिविनायक गणपति मंदिर देश के सबसे लोकप्रिय गणेश मंदिरों में शामिल है। यहां आम श्रद्धालुओं के साथ फिल्मी हस्तियां और उद्योगपति भी बड़ी संख्या में दर्शन करने आते हैं। इस मंदिर में हर साल करीब 100 करोड़ रुपये का चढ़ावा मिलता है।

काशी विश्वनाथ में कॉरिडोर के बाद बढ़ा चढ़ावा

वाराणसी स्थित काशी विश्वनाथ धाम भगवान शिव के 12 ज्योतिर्लिंगों में से एक है। काशी विश्वनाथ कॉरिडोर बनने के बाद यहां श्रद्धालुओं की संख्या में रिकॉर्ड वृद्धि हुई है। वर्तमान में मंदिर में हर साल लगभग 80 करोड़ रुपये का चढ़ावा प्राप्त होता है।

जगन्नाथ पुरी भी पीछे नहीं

ओडिशा के श्री जगन्नाथ मंदिर, पुरी को चार धामों में विशेष स्थान प्राप्त है। विश्व प्रसिद्ध रथ यात्रा के कारण यहां हर साल देश-विदेश से लाखों श्रद्धालु पहुंचते हैं। इस मंदिर में सालाना 18 से 25 करोड़ रुपये तक का चढ़ावा आता है। मंदिर का महाप्रसाद भी विश्वभर में प्रसिद्ध है।

भारत के सबसे ज्यादा चढ़ावा पाने वाले मंदिर

मंदिरअनुमानित वार्षिक चढ़ावा
तिरुपति बालाजी₹1,880 करोड़
माता वैष्णो देवी₹230 करोड़
श्रीराम जन्मभूमि, अयोध्या₹150 करोड़
सिद्धिविनायक, मुंबई₹100 करोड़
काशी विश्वनाथ, वाराणसी₹80 करोड़
जगन्नाथ पुरी₹18–25 करोड़

चढ़ावे का उपयोग कहां होता है?

देश के प्रमुख मंदिरों में मिलने वाला चढ़ावा केवल धार्मिक गतिविधियों तक सीमित नहीं रहता। इसका उपयोग मंदिरों के रखरखाव, श्रद्धालुओं की सुविधाओं, शिक्षा, स्वास्थ्य, अन्नक्षेत्र, सामाजिक सेवा, धार्मिक आयोजन और विभिन्न जनकल्याणकारी योजनाओं में भी किया जाता है। यही वजह है कि देश के बड़े मंदिर केवल आस्था के केंद्र ही नहीं, बल्कि सामाजिक सेवा के भी महत्वपूर्ण संस्थान माने जाते हैं।


Spread the love & Share it

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *