
Varanasi News: वाराणसी में कोरोना संक्रमण के तीन नए मामले सामने आने के बाद स्वास्थ्य विभाग पूरी तरह सतर्क हो गया है। संक्रमितों में दो मरीज बीएचयू से जुड़े हैं, जबकि एक मरीज चिरईगांव क्षेत्र के तिलमापुर का निवासी है। राहत की बात यह रही कि संक्रमितों के संपर्क में आए सभी लोगों की जांच रिपोर्ट निगेटिव आई है। इसके बावजूद संभावित संक्रमण को देखते हुए जिलेभर में निगरानी और तैयारियां तेज कर दी गई हैं।
अस्पतालों में मॉक ड्रिल, व्यवस्थाओं का हुआ परीक्षण
कोरोना को लेकर शुक्रवार को जिले के सभी सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र (सीएचसी), प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र (पीएचसी) और जिला स्तरीय अस्पतालों में विशेष मॉक ड्रिल आयोजित की गई। इस दौरान कोविड मरीजों के उपचार, ऑक्सीजन उपलब्धता, आइसोलेशन व्यवस्था और आपातकालीन स्वास्थ्य सेवाओं की तैयारियों का परीक्षण किया गया।
पंडित दीनदयाल उपाध्याय राजकीय अस्पताल, एसएसपीजी मंडलीय चिकित्सालय, लाल बहादुर शास्त्री अस्पताल सहित प्रमुख स्वास्थ्य केंद्रों पर एंटीजन जांच की सुविधा भी शुरू कर दी गई है।
एसएसपीजी अस्पताल में ऑक्सीजन प्लांट की हुई मॉक ड्रिल
एसएसपीजी मंडलीय चिकित्सालय में पीएसए ऑक्सीजन प्लांट की विशेष मॉक ड्रिल कर उसकी कार्यक्षमता का परीक्षण किया गया। भारत सरकार, राज्य सरकार और स्वास्थ्य महानिदेशालय के दिशा-निर्देशों के तहत आयोजित इस अभ्यास में ऑक्सीजन आपूर्ति प्रणाली पूरी तरह मानकों के अनुरूप पाई गई।
मॉक ड्रिल के दौरान प्रमुख चिकित्सा अधीक्षक डॉ. बृजेश कुमार, चिकित्सा अधीक्षक डॉ. अभिषेक राय, ऑक्सीजन प्लांट टेक्नीशियन अभिषेक सिंह सहित अन्य अधिकारी और कर्मचारी मौजूद रहे।
BHU में जांच के दौरान मिला संक्रमित मरीज
स्वास्थ्य विभाग के अनुसार बीएचयू में भर्ती एक मरीज को सांस लेने में तकलीफ होने पर कोरोना जांच कराई गई थी, जिसमें संक्रमण की पुष्टि हुई। मरीज का इलाज कोविड प्रोटोकॉल के तहत किया जा रहा है और उसके परिजनों के स्वास्थ्य पर भी लगातार नजर रखी जा रही है।
इसी बीच पड़ोसी जनपद बलिया में भी कोरोना संक्रमण का एक मामला सामने आने के बाद पूर्वांचल में स्वास्थ्य विभाग अतिरिक्त सतर्कता बरत रहा है। आगामी त्योहारों और बाहर से आने वाले लोगों को देखते हुए निगरानी बढ़ा दी गई है।
आइसोलेशन वार्ड और संसाधन पूरी तरह तैयार
प्रमुख चिकित्सा अधीक्षक डॉ. बृजेश कुमार ने बताया कि अस्पतालों में आइसोलेशन वार्ड, एंटीजन टेस्ट किट, ऑक्सीजन सपोर्ट और अन्य आवश्यक संसाधनों की व्यवस्था पूरी कर ली गई है।
उन्होंने कहा कि कोरोना वायरस पूरी तरह समाप्त नहीं हुआ है, इसलिए संदिग्ध लक्षण वाले मरीजों की पहचान और समय पर उपचार के लिए स्वास्थ्य विभाग पूरी तरह तैयार है। लोगों को घबराने की आवश्यकता नहीं है, बल्कि सावधानी बरतनी चाहिए।
रेलवे स्टेशन, बस स्टैंड और एयरपोर्ट पर भी निगरानी
स्वास्थ्य विभाग के नोडल अधिकारी डॉ. शिशिर ने बताया कि जिले में अब तक तीन कोरोना संक्रमित मरीज मिले थे और सभी स्वस्थ हो चुके हैं। वहीं अपर निदेशक चिकित्सा, स्वास्थ्य एवं परिवार कल्याण मंडल वाराणसी डॉ. एनडी शर्मा ने बताया कि रेलवे स्टेशन, बस अड्डों, एयरपोर्ट, सीएचसी, पीएचसी और जिला अस्पतालों में संदिग्ध लोगों की एंटीजन जांच शुरू करा दी गई है।
उन्होंने कहा कि वर्तमान में संक्रमण की दर बेहद कम है, लेकिन किसी भी स्थिति से निपटने के लिए स्वास्थ्य विभाग पूरी तरह तैयार है और लगातार निगरानी रखी जा रही है।