
Chandauli News: मुख्यमंत्री डैशबोर्ड की रैंकिंग में जिले के कुछ विभागों के ‘B’ और ‘C’ ग्रेड में जाने की आशंका पर जिलाधिकारी चंद्र मोहन गर्ग का सख्त रुख देखने को मिला। कलेक्ट्रेट सभागार में आयोजित समीक्षा बैठक में उन्होंने खराब प्रदर्शन करने वाले विभागाध्यक्षों को कड़ी फटकार लगाते हुए साफ शब्दों में कहा कि सरकारी योजनाओं में लापरवाही और पोर्टल पर समय से डेटा अपलोड न करने की प्रवृत्ति अब किसी भी हाल में स्वीकार नहीं की जाएगी। उन्होंने चेतावनी दी कि कार्यों में ढिलाई बरतने वाले अधिकारियों के खिलाफ विभागीय कार्रवाई की जाएगी।
कलेक्ट्रेट में हुई शासन की प्राथमिकता वाली योजनाओं की समीक्षा
कलेक्ट्रेट सभागार में आयोजित बैठक में मुख्यमंत्री डैशबोर्ड, आकांक्षात्मक ब्लॉक एवं जनपद, आईजीआरएस, जीरो पॉवर्टी अभियान, गोल्डन कार्ड वितरण, फैमिली आईडी अभियान, विभिन्न विभागों की वन पेजर रिपोर्ट और अनुशासनात्मक मामलों की विस्तार से समीक्षा की गई।
जिलाधिकारी ने सभी विभागों से योजनाओं की वास्तविक प्रगति की जानकारी ली और लंबित मामलों को जल्द पूरा करने के निर्देश दिए।
डेटा फीडिंग में लापरवाही पर ‘जीरो टॉलरेंस’
बैठक के दौरान जिलाधिकारी ने स्पष्ट कहा कि विभागीय पोर्टल पर समय से डेटा अपलोड न करना सीधे तौर पर जवाबदेही से बचने जैसा है। उन्होंने अधिकारियों को चेतावनी देते हुए कहा कि डेटा फीडिंग में किसी भी तरह की लापरवाही अब बर्दाश्त नहीं की जाएगी।
उन्होंने जिन विभागों का प्रदर्शन कमजोर पाया गया या जिनके ग्रेड गिरने की आशंका है, उनके विभागाध्यक्षों को तत्काल सुधारात्मक कदम उठाने के निर्देश दिए।
निर्माण कार्यों की धीमी प्रगति पर PWD को फटकार
वार्षिक लक्ष्य के मुकाबले निर्माण कार्यों की धीमी प्रगति पर जिलाधिकारी ने लोक निर्माण विभाग (PWD) के प्रांतीय खंड के अधिकारियों पर नाराजगी जताई।
समीक्षा में सामने आया कि चालू वित्तीय वर्ष में सड़क, पुल और सार्वजनिक भवनों से जुड़े कई निर्माण कार्य तय समय से काफी पीछे चल रहे हैं। इस पर जिलाधिकारी ने संबंधित अधिकारियों और कार्यदायी संस्थाओं को कड़ी फटकार लगाते हुए निर्माण कार्यों की गति तत्काल बढ़ाने के निर्देश दिए।
उन्होंने साफ कहा कि यदि समयबद्ध प्रगति नहीं हुई तो जिम्मेदार अधिकारियों के खिलाफ सख्त विभागीय कार्रवाई की जाएगी।
आईजीआरएस शिकायतों के समयबद्ध निस्तारण पर जोर
जिलाधिकारी ने आईजीआरएस पोर्टल पर दर्ज शिकायतों की समीक्षा करते हुए कहा कि आम जनता की शिकायतों का त्वरित और गुणवत्तापूर्ण निस्तारण प्रशासन की प्राथमिक जिम्मेदारी है।
उन्होंने अधिकारियों को निर्देश दिए कि किसी भी शिकायत को अनावश्यक रूप से लंबित न रखा जाए और जनसुनवाई से जुड़े मामलों में संवेदनशीलता के साथ कार्रवाई सुनिश्चित की जाए।
जीरो पॉवर्टी, गोल्डन कार्ड और फैमिली आईडी अभियान में तेजी के निर्देश
बैठक में आकांक्षात्मक ब्लॉक और जनपद के प्रदर्शन में सुधार लाने पर भी चर्चा हुई। जिलाधिकारी ने जीरो पॉवर्टी अभियान के तहत पात्र परिवारों की पहचान कर उन्हें सभी सरकारी योजनाओं से जोड़ने के निर्देश दिए।
इसके साथ ही गोल्डन कार्ड और फैमिली आईडी अभियान में तेजी लाने को कहा, ताकि कोई भी पात्र व्यक्ति सरकारी लाभ से वंचित न रहे।
लंबित अनुशासनात्मक मामलों को जल्द निपटाने के निर्देश
विभागों की कार्यप्रणाली को अधिक पारदर्शी बनाने के लिए वन पेजर रिपोर्ट की समीक्षा की गई। साथ ही लंबित अनुशासनात्मक मामलों को निर्धारित समय सीमा में निपटाने के निर्देश भी दिए गए।
जिलाधिकारी ने कहा कि सभी विभाग आपसी समन्वय के साथ कार्य करें और योजनाओं का लाभ वास्तविक पात्र लोगों तक पहुंचे। केवल कागजी प्रगति दिखाना पर्याप्त नहीं होगा, बल्कि योजनाओं का असर जमीन पर भी दिखाई देना चाहिए।
बैठक में कई वरिष्ठ अधिकारी रहे मौजूद
बैठक में मुख्य विकास अधिकारी आर. जगत साई, प्रभागीय वनाधिकारी, मुख्य चिकित्साधिकारी, डीसी मनरेगा, जिला अर्थ एवं संख्याधिकारी, उप कृषि निदेशक, अधिशासी अभियंता चंद्रप्रभा, लोक निर्माण विभाग के अधिकारी, जिला उद्यान अधिकारी समेत विभिन्न विभागों के वरिष्ठ अधिकारी और विभागाध्यक्ष उपस्थित रहे।