
Chandauli News: चंदौली के पंडित दीनदयाल उपाध्याय नगर (पीडीडीयू नगर) स्थित एक सरकारी विद्यालय में शुक्रवार को बच्चों को परोसे गए मिड-डे मील में कीड़ा मिलने का मामला सामने आया है। घटना के बाद शिक्षा विभाग में हड़कंप मच गया। मामले की जानकारी मिलते ही जिला बेसिक शिक्षा अधिकारी (BSA) सचिन कुमार ने तत्काल जांच के आदेश देते हुए स्पष्ट किया कि यदि किसी भी स्तर पर लापरवाही पाई गई तो संबंधित संस्था या जिम्मेदार अधिकारियों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की जाएगी।
भोजन वितरण के दौरान बच्चे की थाली में मिला कीड़ा
जानकारी के अनुसार, शुक्रवार 31 जुलाई 2026 को रोजाना की तरह ‘महिला एवं विकास संस्थान, मोदीनगर (गाजियाबाद)’ द्वारा पीडीडीयू नगर क्षेत्र के 13 सरकारी विद्यालयों में मिड-डे मील की आपूर्ति की गई थी।
इसी दौरान कंपोजिट विद्यालय, पूर्वी बाजार, पीडीडीयू नगर में भोजन वितरण के समय एक बच्चे की थाली में कीड़ा दिखाई दिया। घटना की सूचना मिलते ही विद्यालय प्रशासन और शिक्षा विभाग सक्रिय हो गया।
बीएसए ने तुरंत लिया संज्ञान
जिला बेसिक शिक्षा अधिकारी सचिन कुमार ने बताया कि मामले को गंभीरता से लेते हुए तत्काल प्रशासनिक जांच के आदेश जारी कर दिए गए हैं। उन्होंने कहा कि बच्चों के स्वास्थ्य से किसी भी प्रकार का समझौता स्वीकार नहीं किया जाएगा।
बीएसए ने स्पष्ट किया कि जांच में जो भी संस्था, कर्मचारी या संबंधित पक्ष दोषी पाया जाएगा, उसके खिलाफ तत्काल प्रभाव से नियमानुसार कड़ी कार्रवाई की जाएगी।
अन्य विद्यालयों में भी बढ़ाई गई निगरानी
घटना के बाद शिक्षा विभाग ने जिले के अन्य विद्यालयों में भी मिड-डे मील की गुणवत्ता पर विशेष निगरानी रखने के निर्देश दिए हैं। अधिकारियों को भोजन वितरण से पहले गुणवत्ता की जांच सुनिश्चित करने और किसी भी प्रकार की शिकायत मिलने पर तत्काल रिपोर्ट देने को कहा गया है।
भोजन की गुणवत्ता पर फिर उठे सवाल
सरकारी विद्यालयों में बच्चों को पौष्टिक और सुरक्षित भोजन उपलब्ध कराने के उद्देश्य से संचालित मिड-डे मील योजना को लेकर यह घटना एक बार फिर सवाल खड़े कर रही है। अभिभावकों ने भी भोजन की गुणवत्ता की नियमित निगरानी की मांग की है, ताकि भविष्य में ऐसी घटनाओं की पुनरावृत्ति न हो।
जांच रिपोर्ट के बाद होगी कार्रवाई
फिलहाल शिक्षा विभाग पूरे मामले की जांच कर रहा है। प्रशासन का कहना है कि जांच पूरी होने के बाद जिम्मेदारी तय कर दोषियों के खिलाफ आवश्यक कानूनी और विभागीय कार्रवाई की जाएगी। बच्चों की सुरक्षा और भोजन की गुणवत्ता को सर्वोच्च प्राथमिकता देने की बात भी दोहराई गई है।