
FMCG Price Hike: अगस्त की शुरुआत के साथ ही त्योहारी खरीदारी की तैयारी कर रहे लोगों के लिए महंगाई से जुड़ी बड़ी खबर सामने आई है। देश की कई प्रमुख एफएमसीजी (FMCG) कंपनियों ने संकेत दिए हैं कि आने वाले महीनों में साबुन, डिटर्जेंट, बर्तन धोने की बार, नमक, पेंट, टायर और रोजमर्रा के इस्तेमाल के कई अन्य उत्पादों की कीमतों में बढ़ोतरी हो सकती है। यदि ऐसा होता है तो रक्षाबंधन से लेकर दिवाली तक का त्योहारी सीजन आम लोगों के घरेलू बजट पर अतिरिक्त बोझ डाल सकता है।
लगातार बढ़ रही उत्पादन लागत, कंपनियों ने बताई वजह
उपभोक्ता उत्पाद बनाने वाली कंपनियों का कहना है कि कच्चे माल, कच्चे तेल से बनने वाले रसायनों और ईंधन की बढ़ती कीमतों के कारण उत्पादन लागत लगातार बढ़ रही है। ऐसे में लागत का दबाव कम करने के लिए उत्पादों की कीमतों में चरणबद्ध तरीके से वृद्धि करना आवश्यक हो गया है।
कंपनियों का मानना है कि यदि इनपुट कॉस्ट में जल्द राहत नहीं मिली तो आने वाले समय में कीमतों में और बढ़ोतरी देखने को मिल सकती है।
HUL समेत कई कंपनियों ने दिए संकेत
देश की प्रमुख एफएमसीजी कंपनी हिंदुस्तान यूनिलीवर (HUL) ने संकेत दिए हैं कि अगले तीन महीनों के दौरान होम केयर कैटेगरी के कई उत्पादों, विशेष रूप से डिटर्जेंट और बर्तन साफ करने वाली बार, की कीमतों में चरणबद्ध तरीके से बढ़ोतरी की जाएगी।
इसके अलावा एशियन पेंट्स, डोडला डेयरी और अन्य कंपनियों ने भी बढ़ती लागत का हवाला देते हुए अपने उत्पादों की कीमतों में संशोधन की संभावना जताई है।
मिडिल ईस्ट तनाव का असर भारतीय बाजार पर
विशेषज्ञों के अनुसार, मध्य पूर्व में जारी तनाव और ईरान से जुड़े घटनाक्रम के कारण वैश्विक स्तर पर कच्चे तेल की कीमतों में अस्थिरता बनी हुई है। इसका सीधा असर उन कच्चे माल पर पड़ रहा है, जिनका इस्तेमाल साबुन, डिटर्जेंट, पेंट और अन्य उपभोक्ता उत्पादों के निर्माण में किया जाता है।
इसी वजह से कुछ कंपनियां पहले ही कीमतों में बढ़ोतरी कर चुकी हैं। हैवेल्स इंडिया ने अपने कुछ उत्पादों के दाम करीब 8 प्रतिशत तक बढ़ाए हैं, जबकि टाटा कंज्यूमर ने नमक की कीमतों में लगभग 7 प्रतिशत की वृद्धि की है।
त्योहारी सीजन में बढ़ सकता है खर्च
अगस्त से नवंबर के बीच रक्षाबंधन, जन्माष्टमी, नवरात्रि, दशहरा और दिवाली जैसे बड़े त्योहार आते हैं। इस दौरान बाजार में खरीदारी अपने चरम पर रहती है और एफएमसीजी कंपनियों की बिक्री भी तेजी से बढ़ती है।
कंपनियों का अनुमान है कि मांग मजबूत रहने के कारण उपभोक्ता बढ़ी हुई कीमतों के बावजूद खरीदारी जारी रखेंगे। हालांकि इससे परिवारों के मासिक बजट पर अतिरिक्त दबाव पड़ सकता है।
महंगाई को लेकर बढ़ी चिंता
हाल के महीनों में खुदरा महंगाई दर भारतीय रिजर्व बैंक के निर्धारित लक्ष्य से ऊपर पहुंच चुकी है। वित्त मंत्रालय भी संकेत दे चुका है कि महंगाई का असर अब केवल खाद्य पदार्थों तक सीमित नहीं है, बल्कि रोजमर्रा में इस्तेमाल होने वाले उत्पादों पर भी साफ दिखाई दे रहा है।
विशेषज्ञों का मानना है कि यदि कच्चे तेल की कीमतें ऊंची बनी रहीं और मौसम संबंधी चुनौतियां, जैसे कम बारिश और एल नीनो का असर जारी रहा, तो आने वाले महीनों में घरेलू खर्च और बढ़ सकता है।
किन उत्पादों की कीमतों पर पड़ सकता है असर?
आने वाले समय में जिन उत्पादों के महंगे होने की संभावना जताई जा रही है, उनमें प्रमुख रूप से—
- डिटर्जेंट पाउडर और लिक्विड
- साबुन
- बर्तन धोने की बार
- पैकेट वाला नमक
- पेंट
- टायर
- अन्य घरेलू उपयोग के एफएमसीजी उत्पाद
विशेषज्ञों का कहना है कि यदि कंपनियां कीमतों में बढ़ोतरी करती हैं, तो इसका सबसे अधिक असर मध्यमवर्गीय और निम्न आय वर्ग के परिवारों के मासिक घरेलू बजट पर देखने को मिल सकता है।