
Chandauli News: नौकरी की तलाश कर रहे बेरोजगार युवाओं को मेडिकल कॉलेज और सरकारी विभागों में नियुक्ति दिलाने का झांसा देकर करोड़ों रुपये की ठगी करने वाले दंपती को चंदौली पुलिस ने गिरफ्तार किया है। पुलिस के अनुसार, गाजीपुर निवासी आलोक श्रीवास्तव और उनकी पत्नी अनुभूति श्रीवास्तव फर्जी नियुक्ति पत्र और अन्य दस्तावेज तैयार कर युवाओं को अपने जाल में फंसाते थे।
पुलिस का दावा है कि दोनों आरोपित पिछले 15 वर्षों से अधिक समय से इस तरह की ठगी में सक्रिय थे। अब तक करीब 485 युवाओं से लगभग 8.80 करोड़ रुपये की ठगी किए जाने की बात सामने आई है।
मेडिकल कॉलेज से लेकर सरकारी विभागों तक नौकरी का झांसा
पुलिस के मुताबिक, दंपती बाबा कीनाराम मेडिकल कॉलेज के अलावा गाजीपुर, सोनभद्र और मीरजापुर के मेडिकल कॉलेजों में नौकरी दिलाने का भरोसा देते थे। इसके साथ ही स्वास्थ्य, राजस्व और पंचायतीराज विभाग में लिपिक, वार्ड ब्वाय और चतुर्थ श्रेणी पदों पर नियुक्ति कराने का दावा किया जाता था।
आरोपितों ने बलिया, आजमगढ़, वाराणसी समेत आसपास के जिलों के कई बेरोजगार युवाओं को अपने जाल में फंसाया। नौकरी के नाम पर उनसे अलग-अलग पदों के हिसाब से लाखों रुपये लिए जाते थे।
चतुर्थ श्रेणी नौकरी के लिए 3 लाख तक वसूली
पुलिस के अनुसार, चतुर्थ श्रेणी कर्मचारी के पद पर नियुक्ति के लिए युवाओं से करीब 2.50 लाख से तीन लाख रुपये तक लिए जाते थे। वहीं लिपिक और अन्य पदों पर नौकरी दिलाने के नाम पर छह से आठ लाख रुपये तक की रकम वसूले जाने की जानकारी सामने आई है।
रकम लेने के बाद युवाओं को भरोसा दिलाने के लिए फर्जी नियुक्ति पत्र और अन्य दस्तावेज दिए जाते थे।
फर्जी नियुक्ति पत्र लेकर मेडिकल कॉलेज पहुंचा तो खुला राज
मामला तब सामने आया जब चंदौली निवासी जितेंद्र गुप्ता को बाबा कीनाराम मेडिकल कॉलेज में चतुर्थ श्रेणी कर्मचारी के पद पर नियुक्ति का पत्र दिया गया।
जितेंद्र जब नियुक्ति पत्र लेकर ज्वाइन करने के लिए मेडिकल कॉलेज पहुंचे तो उन्हें पता चला कि पत्र फर्जी है। इसके बाद उन्होंने मामले की शिकायत पुलिस से की।
जितेंद्र गुप्ता की तहरीर पर आठ अगस्त को इलिया थाने में मुकदमा दर्ज किया गया। जांच आगे बढ़ने पर पुलिस ने आलोक श्रीवास्तव और अनुभूति श्रीवास्तव को गिरफ्तार कर लिया।
485 युवाओं से ठगी का पुलिस का दावा
पुलिस जांच में सामने आया कि नौकरी दिलाने के नाम पर दंपती ने लंबे समय से अपना नेटवर्क चला रखा था। पुलिस के अनुसार, करीब 485 युवाओं से 8.80 करोड़ रुपये की ठगी किए जाने की जानकारी मिली है।
पुलिस अब यह पता लगाने में जुटी है कि इस नेटवर्क में और कौन-कौन लोग शामिल हैं और ठगी से जुटाई गई रकम का इस्तेमाल कहां किया गया।
नेटवर्क से जुड़े लोगों की तलाश जारी
पुलिस अधीक्षक आकाश पटेल ने बताया कि गिरफ्तार आरोपितों से पूछताछ की गई है। पूछताछ के आधार पर नेटवर्क से जुड़े अन्य लोगों के बारे में जानकारी जुटाई जा रही है।
पुलिस फर्जी नियुक्ति पत्र, दस्तावेज और नौकरी के नाम पर रकम लेने से जुड़े अन्य साक्ष्यों की भी जांच कर रही है। मामले में आगे और गिरफ्तारियां होने की संभावना जताई जा रही है।