राजनाथ–शाह ने जताई आपत्ति, स्पीकर ने रोका- राहुल बोले: डोकलाम विवाद बोलने नहीं दे रहे

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Rahul Gandhi Doklam Statement

Rahul Gandhi Doklam Statement: लोकसभा में राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू के अभिभाषण पर धन्यवाद प्रस्ताव की चर्चा के दौरान सोमवार को भारी हंगामा देखने को मिला। विपक्ष के नेता राहुल गांधी द्वारा डोकलाम विवाद को लेकर दिए गए बयान के बाद सदन में तीखी नोकझोंक शुरू हो गई, जिसके चलते कार्यवाही को स्थगित करना पड़ा।

राहुल गांधी ने अपने भाषण की शुरुआत करते हुए कहा, “ध्यान से सुनिए कि मैं क्या पढ़ रहा हूं, इससे पता चलेगा कि कौन देशभक्त है और कौन नहीं।” इसके बाद उन्होंने पूर्व सेना प्रमुख जनरल मनोज मुकुंद नरवणे की अप्रकाशित किताब ‘Four Stars of Destiny’ के अंशों का हवाला देते हुए दावा किया कि डोकलाम में चार चीनी टैंक भारतीय सीमा की ओर बढ़ रहे थे और वे महज 100 मीटर की दूरी पर थे।

राहुल गांधी के इस दावे के साथ ही सदन में जोरदार हंगामा शुरू हो गया। रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह ने तत्काल आपत्ति जताते हुए कहा कि किसी अप्रकाशित किताब का हवाला संसद में नहीं दिया जा सकता। उन्होंने राहुल गांधी पर सदन को गुमराह करने का आरोप लगाया और मांग की कि यदि ऐसा कोई दावा है तो संबंधित किताब को सदन के पटल पर रखा जाए।

गृह मंत्री अमित शाह ने भी कड़ी प्रतिक्रिया देते हुए कहा कि संसद की मर्यादा और नियमों के तहत किसी अप्रकाशित पुस्तक, दस्तावेज या सामग्री का उल्लेख नहीं किया जा सकता। उन्होंने राहुल गांधी के आरोपों को असंसदीय करार दिया।

इस बीच लोकसभा अध्यक्ष ओम बिरला ने नियम 349 का हवाला देते हुए राहुल गांधी को आगाह किया कि सदन में अप्रकाशित पुस्तक, चित्र या अखबार की कटिंग दिखाने या उसका उल्लेख करने की अनुमति नहीं है। स्पीकर ने कहा कि संसद नियमों और परंपराओं के अनुसार संचालित होती है।

राहुल गांधी ने स्पीकर की चेतावनी पर पलटवार करते हुए कहा कि उनका स्रोत पूरी तरह भरोसेमंद है और सरकार जानबूझकर उस किताब को प्रकाशित नहीं होने दे रही। उन्होंने आरोप लगाया कि सरकार एक कोट से डर रही है और उन्हें सच बोलने से रोका जा रहा है। राहुल ने कहा, “सरकार आतंकवाद से लड़ने की बात करती है, लेकिन एक कोट से घबरा जाती है।”

समाजवादी पार्टी के सांसद अखिलेश यादव ने राहुल गांधी के समर्थन में बोलते हुए कहा कि चीन से जुड़ा मुद्दा बेहद संवेदनशील है और विपक्ष के नेता को अपनी बात रखने की अनुमति दी जानी चाहिए।

करीब 46 मिनट तक चले इस हंगामे के दौरान भाजपा सांसदों ने कांग्रेस की देशभक्ति पर सवाल उठाए, जिसका राहुल गांधी ने कड़ा जवाब दिया। उन्होंने कहा कि सरकार उनकी पार्टी और राष्ट्रवाद पर सवाल उठाती है, लेकिन सच्चाई सामने लाने से डरती है। अमित शाह ने इस पर सफाई देते हुए कहा कि सरकार की ओर से कभी कांग्रेस की देशभक्ति पर सवाल नहीं उठाया गया।

तकरार के बीच स्पीकर ओम बिरला ने राहुल गांधी को नियमों का पालन करने और चर्चा को निर्धारित विषय तक सीमित रखने की नसीहत दी। इस पर राहुल गांधी ने व्यंग्य करते हुए कहा, “स्पीकर सर, आप ही बता दीजिए कि मुझे क्या बोलना चाहिए।” जवाब में स्पीकर ने कहा, “मैं आपका सलाहकार नहीं हूं, लेकिन सदन को नियमों के अनुसार चलाना मेरी जिम्मेदारी है।”

लगातार बढ़ते हंगामे को देखते हुए लोकसभा की कार्यवाही दोपहर 3 बजे तक के लिए स्थगित कर दी गई। यह घटनाक्रम बजट सत्र के दौरान राष्ट्रीय सुरक्षा, संसदीय मर्यादा और अभिव्यक्ति की स्वतंत्रता को लेकर गहराते राजनीतिक टकराव को दर्शाता है।

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