
Chandauli News: रबी विपणन वर्ष 2026-27 के अंतर्गत गेहूं खरीद को लेकर प्रशासन पूरी तरह सख्त नजर आ रहा है। जिलाधिकारी चंद्र मोहन गर्ग की अध्यक्षता में कलेक्ट्रेट सभागार में आयोजित कार्यशाला/प्रशिक्षण में गेहूं खरीद प्रक्रिया को पारदर्शी, समयबद्ध और व्यवस्थित बनाने के लिए कई अहम निर्देश दिए गए।
जिलाधिकारी ने स्पष्ट चेतावनी देते हुए कहा कि यदि किसी भी क्रय केंद्र पर अनियमितता पाई जाती है तो संबंधित केंद्र प्रभारी के खिलाफ एफआईआर दर्ज कर कड़ी कार्रवाई की जाएगी। साथ ही संबंधित अधिकारियों की भी जिम्मेदारी तय की जाएगी।
केंद्रों पर लापरवाही बर्दाश्त नहीं
डीएम ने निर्देश दिए कि गेहूं खरीद केंद्रों पर बोरे की कमी किसी भी हाल में नहीं होनी चाहिए। यदि बोरे के अभाव में खरीद प्रभावित होती है, तो संबंधित अधिकारियों के खिलाफ सख्त कार्रवाई सुनिश्चित की जाएगी। जिला खाद्य विपणन अधिकारी को विशेष अभियान चलाकर पर्याप्त आपूर्ति सुनिश्चित करने के निर्देश दिए गए।
किसानों के लिए अनिवार्य सुविधाएं
प्रशासन ने सभी क्रय केंद्रों पर किसानों के लिए बुनियादी सुविधाएं अनिवार्य कर दी हैं, जिनमें:
छायादार बैठने की व्यवस्था
पेयजल की उपलब्धता
साफ-सफाई
समय पर तौल और पारदर्शी प्रक्रिया
e-POS मशीन से होगी खरीद
जिलाधिकारी ने बताया कि इस बार गेहूं की खरीद पूरी तरह e-POS मशीन के माध्यम से की जाएगी, जिससे पारदर्शिता बढ़ेगी और बिचौलियों की भूमिका समाप्त होगी। किसानों को इसका सीधा लाभ मिलेगा।
फार्मर रजिस्ट्री पर जोर
उपजिलाधिकारियों और लेखपालों को निर्देश दिए गए कि वे क्रय केंद्रों पर ही किसानों की फार्मर रजिस्ट्री (किसान आईडी) बनवाना सुनिश्चित करें, ताकि खरीद प्रक्रिया में किसी प्रकार की बाधा न आए।
समय और MSP की जानकारी
जिला खाद्य विपणन अधिकारी ने बताया कि:
गेहूं खरीद अवधि: 30 मार्च से 15 जून 2026
क्रय केंद्र समय: सुबह 09 बजे से शाम 06 बजे तक
न्यूनतम समर्थन मूल्य (MSP): ₹2585 प्रति कुंतल
समय पर भुगतान के निर्देश
जिलाधिकारी ने यह भी सुनिश्चित करने को कहा कि गेहूं खरीद के बाद किसानों को समय पर भुगतान किया जाए, ताकि उन्हें किसी प्रकार की आर्थिक परेशानी न हो।
कार्यशाला में जिला खाद्य विपणन अधिकारी राघवेंद्र प्रताप सिंह, एआर कोऑपरेटिव प्रकाश उपाध्याय, विभिन्न एजेंसियों के जिला प्रबंधक, क्रय केंद्र प्रभारी और एफसीआई के प्रतिनिधि उपस्थित रहे।
