
West Bengal Elections 2026: पश्चिम बंगाल विधानसभा चुनाव 2026 के नतीजों ने राज्य की राजनीति में बड़ा बदलाव संकेत दिया है। लंबे समय से सत्ता में रही ममता बनर्जी सरकार को इस बार करारा झटका लगा है। उनकी कैबिनेट के कुल 9 मंत्रियों को चुनाव में हार का सामना करना पड़ा है, जिससे तृणमूल कांग्रेस की स्थिति कमजोर होती दिख रही है।
रिकॉर्ड मतदान के बाद आया चौंकाने वाला रिजल्ट
इस बार चुनाव में दोनों चरणों में 90 प्रतिशत से अधिक मतदान दर्ज किया गया, जिसने राज्य के सभी पुराने रिकॉर्ड तोड़ दिए। भारी मतदान को लेकर पहले ही सियासी दलों ने अपने-अपने दावे किए थे।
जहां भारतीय जनता पार्टी ने इसे बदलाव की लहर बताया, वहीं तृणमूल कांग्रेस ने इसे वोट कटने के डर से निकला मतदान करार दिया। लेकिन नतीजों ने स्पष्ट संकेत दिया कि एंटी-इनकंबेंसी फैक्टर ने अहम भूमिका निभाई।

इन 9 मंत्रियों को झेलनी पड़ी हार
ममता बनर्जी सरकार के कई बड़े चेहरे इस बार चुनावी मैदान में टिक नहीं पाए। हार का सामना करने वाले प्रमुख मंत्रियों में शामिल हैं—
- महिला एवं बाल विकास मंत्री शशि पांजा (श्याम पुकुर)
- लाइब्रेरी मंत्री सिद्दीकुल्लाह चौधरी (मंतेश्वर)
- नॉर्थ बंगाल डेवलपमेंट मंत्री उदयन गुहा (दिनहाटा)
- वित्त राज्य मंत्री चंद्रिमा भट्टाचार्य (दमदम नॉर्थ)
- शिक्षा मंत्री ब्रत्य बसु (दमदम)
- खाद्य मंत्री रथिन घोष (मध्यमग्राम)
- फायर एवं इमरजेंसी मंत्री सुजीत बसु (बिधाननगर)
- पंचायत एवं ग्रामीण विकास राज्य मंत्री बेचाराम मन्ना (सिंगुर)
- वन मंत्री बिरबाहा हंसदा (बिनपुर)
इन नेताओं की हार को ममता सरकार के लिए बड़ा राजनीतिक नुकसान माना जा रहा है।
BJP का प्रचंड प्रदर्शन, 200 पार की ओर बढ़त
चुनाव आयोग के रुझानों के मुताबिक, भारतीय जनता पार्टी ने इस चुनाव में जबरदस्त प्रदर्शन किया है। पार्टी 137 सीटें जीत चुकी है और 71 सीटों पर आगे चल रही है, जिससे कुल आंकड़ा 200 के पार जाता दिख रहा है।
वहीं, तृणमूल कांग्रेस लगभग 79 सीटों तक सिमटती नजर आ रही है, जो पिछले चुनावों के मुकाबले बड़ा गिरावट दर्शाता है।
कांग्रेस और अन्य दलों का हाल
कांग्रेस को इस चुनाव में सीमित सफलता मिली है और उसे केवल दो सीटों पर जीत हासिल हुई है। वहीं, मुर्शिदाबाद से हुमायूं कबीर ने दो सीटों पर जीत दर्ज की है, जिसके बाद उन्हें एक सीट छोड़नी होगी।
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