
Chandauli News: चंदौली में लगातार हो रही बाइक चोरी की घटनाओं के बीच चंदौली पुलिस को बड़ी सफलता मिली है। सदर कोतवाली पुलिस ने एक संगठित बाइक चोर गिरोह का पर्दाफाश करते हुए पांच आरोपियों को गिरफ्तार किया है। पुलिस ने उनके कब्जे से चोरी की छह मोटरसाइकिलें बरामद की हैं। शुरुआती जांच में सामने आया है कि यह गिरोह उत्तर प्रदेश और बिहार तक फैले नेटवर्क के जरिए चोरी की बाइक खपाता था।
पुलिस के अनुसार धरौली रोड और नवीन मंडी के पास संदिग्ध व्यक्तियों की जांच के दौरान पांचों आरोपियों को पकड़ा गया। पूछताछ में आरोपियों ने बाइक चोरी की कई घटनाओं में शामिल होने की बात स्वीकार की।
बिहार और चंदौली के आरोपी गिरफ्तार
गिरफ्तार आरोपियों की पहचान बिहार के कैमूर जिले के चैनपुर थाना क्षेत्र निवासी छबीले राजभर और अभिषेक कुमार उर्फ फौजी के रूप में हुई है। वहीं चंदौली जिले के सकलडीहा कोतवाली क्षेत्र के रतनपुरा गांव निवासी शुभम खरवार, नई बाजार निवासी विशाल राय और राहुल राय को भी पुलिस ने गिरफ्तार किया है।
अस्पताल, कचहरी और भीड़भाड़ वाले इलाकों में करते थे रेकी
पूछताछ में आरोपियों ने बताया कि वे गिरोह बनाकर काम करते थे। चोरी से पहले वे अस्पताल, कचहरी, बाजार और अन्य भीड़भाड़ वाले स्थानों की रेकी करते थे। मौका मिलते ही खड़ी मोटरसाइकिलों को चुराकर फरार हो जाते थे।
चोरी के बाद बाइक की पहचान छिपाने के लिए उसकी नंबर प्लेट बदल दी जाती थी, जिससे वाहन मालिक और पुलिस आसानी से उसका पता न लगा सके।
बिहार में सस्ते दामों पर बेचते थे चोरी की बाइक
पुलिस जांच में यह भी सामने आया कि चोरी की गई मोटरसाइकिलों को बिहार में ले जाकर सस्ते दामों पर बेचा जाता था। वहां गिरोह के अन्य सदस्य इन बाइकों को खरीदते थे और उनका इस्तेमाल विभिन्न गैरकानूनी गतिविधियों में करते थे।
सबसे चौंकाने वाली बात यह सामने आई कि कई चोरी की बाइकों का इस्तेमाल शराब तस्करी में भी किया जा रहा था। पुलिस का मानना है कि गिरोह लंबे समय से इस नेटवर्क के जरिए काम कर रहा था।
पुलिस लाइन में एसपी ने किया खुलासा
रविवार को पुलिस लाइन सभागार में आयोजित प्रेस वार्ता के दौरान पुलिस अधीक्षक आकाश पटेल ने पूरे मामले का खुलासा किया। उन्होंने बताया कि गिरफ्तार आरोपियों से पूछताछ के आधार पर अन्य घटनाओं की भी जांच की जा रही है।
एसपी ने कहा कि बाइक चोरी की बढ़ती घटनाओं को रोकने के लिए लगातार अभियान चलाया जा रहा है। इस गिरोह के पकड़े जाने से जिले में बाइक चोरी की घटनाओं पर प्रभावी अंकुश लगाने में मदद मिलेगी।
इन पुलिसकर्मियों को मिली सफलता
गिरोह का खुलासा करने वाली टीम में सदर कोतवाल बीके पांडेय, तरुण कश्यप, वीरेंद्र कुमार, रावेंद्र सिंह, राजकुमार सरोज, सागर यादव, रूपेश दूबे और मानवेंद्र सिंह यादव शामिल रहे।
पुलिस अब गिरोह से जुड़े अन्य सदस्यों की तलाश में जुटी है और यह पता लगाने का प्रयास कर रही है कि चोरी की कितनी और बाइकें बिहार के विभिन्न जिलों में बेची गई हैं।