
Varanasi News: वाराणसी से मीट-मांस की दुकानों को बाहर स्थानांतरित करने को लेकर चल रही राजनीतिक बहस अब तेज हो गई है। महानगर कांग्रेस कमेटी और कांग्रेस पार्षद दल ने गुरुवार को संयुक्त पत्रकार वार्ता कर महापौर अशोक तिवारी के उस दावे को पूरी तरह खारिज कर दिया, जिसमें कांग्रेस पार्षद दल पर ऐसे प्रस्ताव का समर्थन करने का आरोप लगाया गया था।
मैदागिन स्थित राजीव भवन में आयोजित पत्रकार वार्ता में कांग्रेस नेताओं ने महापौर पर जनता को गुमराह करने का आरोप लगाया और कहा कि यदि वास्तव में कांग्रेस पार्षद दल की ओर से ऐसा कोई प्रस्ताव दिया गया है तो उसे सार्वजनिक किया जाए। अन्यथा महापौर को काशी की जनता से माफी मांगनी चाहिए।
कांग्रेस पार्षद दल ने बताया आरोपों को झूठा और भ्रामक
कांग्रेस पार्षद दल के नेता गुलशन अंसारी ने कहा कि पिछले कुछ दिनों से यह प्रचारित किया जा रहा है कि वाराणसी शहर से मीट-मांस की दुकानों को हटाने का प्रस्ताव कांग्रेस की ओर से दिया गया था, जबकि वास्तविकता इससे बिल्कुल अलग है।
उन्होंने स्पष्ट किया कि कांग्रेस पार्षद दल ने नगर निगम में ऐसा कोई प्रस्ताव कभी नहीं रखा। उन्होंने कहा कि यदि महापौर अशोक तिवारी के पास इस संबंध में कोई दस्तावेज या प्रस्ताव है तो उसे सार्वजनिक किया जाना चाहिए, ताकि जनता के सामने सच्चाई आ सके।
गुलशन अंसारी ने कहा कि कांग्रेस समाज को जोड़ने की राजनीति करती है, जबकि भाजपा मुद्दों से ध्यान भटकाने और भ्रम फैलाने का काम कर रही है। नगर निगम की विफलताओं और शहर की बुनियादी समस्याओं से जनता का ध्यान हटाने के लिए कांग्रेस पर झूठे आरोप लगाए जा रहे हैं।
केवल धार्मिक अवसरों पर अस्थायी बंदी का सुझाव दिया था
कांग्रेस नेताओं ने स्पष्ट किया कि पार्टी ने केवल सावन, नवरात्र और अन्य प्रमुख धार्मिक अवसरों के दौरान श्रद्धालुओं की भावनाओं का सम्मान करते हुए कुछ दिनों के लिए मीट-मांस की दुकानों को बंद रखने का सुझाव दिया था।
उन्होंने आरोप लगाया कि इस सुझाव को तोड़-मरोड़कर पूरे शहर से दुकानों को बाहर करने के प्रस्ताव के रूप में पेश किया जा रहा है, जो पूरी तरह भ्रामक है।
कांग्रेस का कहना है कि आस्था और परंपराओं के सम्मान तथा किसी व्यवसाय को स्थायी रूप से प्रभावित करने के बीच बड़ा अंतर है, जिसे जानबूझकर राजनीतिक रूप दिया जा रहा है।
काशी की साझा संस्कृति को नुकसान पहुंचाने का आरोप
पत्रकार वार्ता के दौरान कांग्रेस नेताओं ने कहा कि काशी की पहचान उसकी गंगा-जमुनी तहजीब, सांस्कृतिक विविधता और सामाजिक समरसता से रही है। यहां विभिन्न धर्मों और समुदायों के लोग सदियों से साथ रहते आए हैं।
कांग्रेस नेताओं का आरोप है कि इस प्रकार के बयान और विवाद शहर की सामाजिक एकता को प्रभावित कर सकते हैं। उन्होंने कहा कि राजनीतिक लाभ के लिए काशी की साझा विरासत को विवादों में घसीटना उचित नहीं है।
नगर निगम की विफलताओं से ध्यान भटकाने की कोशिश: कांग्रेस
महानगर कांग्रेस कमेटी के अध्यक्ष राघवेंद्र चौबे ने कहा कि नगर निगम शहर की मूलभूत समस्याओं को हल करने में विफल रहा है। सफाई व्यवस्था, जलभराव, सीवर संकट, टूटी सड़कें और विकास कार्यों की धीमी गति से जनता परेशान है।
उन्होंने आरोप लगाया कि इन मुद्दों पर जवाब देने के बजाय भाजपा नए विवाद खड़े कर रही है ताकि लोगों का ध्यान वास्तविक समस्याओं से हटाया जा सके।
राघवेंद्र चौबे ने कहा कि कांग्रेस किसी भी धर्म, समुदाय या व्यवसाय विशेष के खिलाफ नहीं है। पार्टी संविधान की भावना और सभी वर्गों के सम्मान में विश्वास करती है तथा काशी की सांस्कृतिक विरासत की रक्षा के लिए प्रतिबद्ध है।
झूठा प्रचार जारी रहा तो चलाया जाएगा जनसंपर्क अभियान
कांग्रेस नेताओं ने कहा कि यदि कांग्रेस पार्षद दल के खिलाफ भ्रामक प्रचार जारी रहा तो पार्टी व्यापक जनसंपर्क अभियान चलाकर जनता के बीच वास्तविक स्थिति रखेगी।
उन्होंने कहा कि कांग्रेस नगर निगम की कार्यप्रणाली, शहर की समस्याओं और विकास कार्यों की स्थिति को लेकर भी जनता के बीच जाएगी और तथ्यों के साथ अपनी बात रखेगी।
पत्रकार वार्ता में महानगर अध्यक्ष राघवेंद्र चौबे, पार्षद दल के नेता गुलशन अंसारी सहित कांग्रेस के कई पार्षद और पदाधिकारी मौजूद रहे।