
Chandauli News: प्रदेश में लगातार सामने आ रही अग्निकांड की घटनाओं और उनमें हो रही जान-माल की क्षति को देखते हुए चंदौली जिला प्रशासन ने बड़ा कदम उठाया है। संभावित अग्निकांड की घटनाओं को रोकने और सुरक्षा व्यवस्था को मजबूत बनाने के उद्देश्य से मंगलवार को कलेक्ट्रेट सभागार में निजी शिक्षण संस्थानों, कोचिंग सेंटरों, अस्पतालों, नर्सिंग होम, होटल और मैरेज लॉन संचालकों के साथ विशेष बैठक आयोजित की गई।
बैठक की अध्यक्षता अपर जिलाधिकारी (वित्त एवं राजस्व) राजेश कुमार ने की। इस दौरान विभिन्न संस्थानों में अग्नि सुरक्षा मानकों को प्रभावी ढंग से लागू करने और सुरक्षा संबंधी व्यवस्थाओं को मजबूत बनाने पर विस्तार से चर्चा की गई।
अग्नि सुरक्षा मानकों को लेकर दिए गए विस्तृत निर्देश
बैठक में प्रशासन की ओर से सभी निजी एवं सार्वजनिक संस्थानों को अग्नि सुरक्षा से जुड़े आवश्यक मानकों का पालन सुनिश्चित करने के निर्देश दिए गए। अधिकारियों ने कहा कि प्रत्येक संस्थान में भवन का स्वीकृत नक्शा, फायर सेफ्टी सिस्टम, प्राथमिक उपचार की व्यवस्था, आपातकालीन निकासी मार्ग (इमरजेंसी एग्जिट), आपदा प्रबंधन योजना और नियमित सुरक्षा ऑडिट की व्यवस्था अनिवार्य रूप से होनी चाहिए।
अपर जिलाधिकारी ने स्पष्ट कहा कि सुरक्षा मानकों की अनदेखी किसी भी स्थिति में स्वीकार नहीं की जाएगी और संबंधित विभाग नियमित निगरानी सुनिश्चित करेंगे।
निजी स्कूलों और कोचिंग सेंटरों पर विशेष फोकस
बैठक में जिला विद्यालय निरीक्षक को निर्देशित किया गया कि जनपद में संचालित सभी निजी विद्यालयों और कोचिंग संस्थानों का निरीक्षण कर यह सुनिश्चित किया जाए कि वे निर्धारित सुरक्षा मानकों का पूरी तरह पालन कर रहे हैं।
हाल के दिनों में देश के विभिन्न हिस्सों में कोचिंग संस्थानों और शिक्षण परिसरों में आग लगने की घटनाओं को देखते हुए प्रशासन ने इस क्षेत्र को विशेष प्राथमिकता में रखा है।
फायर विभाग करेगा उपकरणों की जांच
अग्निशमन विभाग को निर्देश दिया गया कि वह निजी संस्थानों में लगाए गए फायर सेफ्टी उपकरणों की नियमित जांच करे और जहां आवश्यक हो, वहां सुरक्षा उपकरणों की स्थापना में संस्थानों का सहयोग भी सुनिश्चित करे।
अधिकारियों ने कहा कि केवल उपकरण लगाना पर्याप्त नहीं है, बल्कि उनका सही तरीके से कार्यरत होना और कर्मचारियों को उनके उपयोग का प्रशिक्षण देना भी जरूरी है।
अस्पतालों और नर्सिंग होम की होगी निगरानी
स्वास्थ्य विभाग को निजी अस्पतालों और नर्सिंग होम का नियमित निरीक्षण कर सुरक्षा मानकों को लागू कराने के निर्देश दिए गए हैं। प्रशासन का मानना है कि अस्पतालों में किसी भी प्रकार की आपात स्थिति से निपटने के लिए विशेष सुरक्षा प्रबंधन आवश्यक है।
बड़ी संख्या में अधिकारी और संचालक रहे मौजूद
बैठक में मुख्य चिकित्साधिकारी, अपर पुलिस अधीक्षक, जिला विद्यालय निरीक्षक, उच्च शिक्षा विभाग के अधिकारी, सभी उपजिलाधिकारी, तहसीलदार, अग्निशमन विभाग के अधिकारी, नगर पालिका एवं नगर पंचायतों के अधिशासी अधिकारी तथा निजी स्कूलों, कोचिंग संस्थानों, अस्पतालों, नर्सिंग होम, होटल और मैरेज लॉन संचालक उपस्थित रहे।
सुरक्षा को लेकर प्रशासन गंभीर
बैठक के दौरान जिला प्रशासन ने स्पष्ट संदेश दिया कि जनपद में किसी भी संभावित अग्निकांड को रोकने और जनहानि को न्यूनतम करने के लिए सभी संस्थानों को सुरक्षा मानकों का पालन करना होगा। प्रशासन ने कहा कि सुरक्षा व्यवस्था केवल औपचारिकता नहीं बल्कि लोगों की जान बचाने का महत्वपूर्ण माध्यम है, इसलिए सभी संबंधित संस्थानों को निर्धारित दिशा-निर्देशों का गंभीरता से पालन करना चाहिए।