बच्चों की जान से खिलवाड़ पड़ा भारी! चंदौली में 2 स्कूल वाहन सीज, 6 का चालान, 40 बसों की फिटनेस खत्म

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Chandauli News

Chandauli News: स्कूली बच्चों की सुरक्षा को सर्वोच्च प्राथमिकता देते हुए चंदौली जिला प्रशासन और परिवहन विभाग ने अवैध, बिना फिटनेस और सुरक्षा मानकों की अनदेखी कर संचालित हो रहे स्कूल वाहनों के खिलाफ सख्त कार्रवाई शुरू कर दी है। प्रदेश सरकार के निर्देश पर चलाए जा रहे विशेष अभियान ‘मिशन सेफ फ्यूचर’ के तहत गुरुवार को बड़े पैमाने पर चेकिंग अभियान चलाया गया, जिसमें दो स्कूली वाहनों को सीज कर दिया गया, जबकि छह वाहनों का चालान किया गया। प्रशासन ने स्पष्ट कर दिया है कि नियमों की अनदेखी करने वाले स्कूलों के खिलाफ आगे और भी कड़ी कार्रवाई होगी।

SDM और ARTO ने संयुक्त अभियान चलाकर की जांच

गुरुवार को उप जिलाधिकारी (सदर) विजय त्रिवेदी और सहायक संभागीय परिवहन अधिकारी (प्रशासन/प्रवर्तन-प्रथम) डॉ. सर्वेश गौतम ने संयुक्त रूप से जिले के विभिन्न स्कूलों में संचालित वाहनों की औचक जांच की। इस दौरान सेंट जॉन्स स्कूल, स्वामी परमहंस स्कूल और विवेकानंद स्कूल के वाहनों का मौके पर भौतिक निरीक्षण किया गया।

अधिकारियों ने प्रत्येक वाहन में बच्चों की सुरक्षा से जुड़े जरूरी इंतजामों की बारीकी से जांच की। फायर एक्सटिंग्विशर, फर्स्ट-एड बॉक्स, जीपीएस, सीसीटीवी कैमरा, इमरजेंसी विंडो और अन्य सुरक्षा उपकरणों की उपलब्धता और कार्यशील स्थिति का परीक्षण किया गया।

सुरक्षा मानकों में लापरवाही पर 2 वाहन सीज, 6 का चालान

निरीक्षण के दौरान कई वाहनों में निर्धारित सुरक्षा मानकों का पालन नहीं पाया गया। गंभीर अनियमितताएं मिलने पर दो स्कूली वाहनों को मौके पर ही सीज कर दिया गया, जबकि छह अन्य वाहनों का चालान किया गया। प्रशासन की इस कार्रवाई से स्कूल संचालकों और वाहन मालिकों में हड़कंप मच गया।

अधिकारियों ने स्पष्ट किया कि बच्चों की सुरक्षा से किसी भी प्रकार का समझौता स्वीकार नहीं किया जाएगा और नियमों का उल्लंघन करने वालों के खिलाफ अभियान लगातार जारी रहेगा।

जिले के 40 स्कूली वाहनों की फिटनेस हो चुकी है समाप्त

एकीकृत विद्यालय वाहन अनुश्रवण पोर्टल के अनुसार चंदौली जिले में कुल 794 स्कूली वाहन पंजीकृत हैं। इनमें से 40 वाहनों की फिटनेस अवधि समाप्त हो चुकी है।

परिवहन विभाग ने पोर्टल के आधार पर संबंधित विद्यालयों को नोटिस जारी कर तत्काल फिटनेस प्रमाणपत्र नवीनीकरण कराने के निर्देश दिए हैं।

इन प्रमुख स्कूलों के वाहन हैं फिटनेस सूची में शामिल

परिवहन विभाग के अनुसार जिन विद्यालयों के वाहनों की फिटनेस समाप्त हो चुकी है, उनमें प्रमुख रूप से—

गुरुकुल स्कूल, नियामताबाद के 6 वाहन,

एम्बीशन स्कूल के 3 वाहन तथा

राइजिंग सन वर्ल्ड स्कूल, बबुरी के 3 वाहन शामिल हैं।

प्रशासन ने संबंधित स्कूल प्रबंधनों को जल्द से जल्द वाहनों की फिटनेस जांच पूरी कराने के निर्देश दिए हैं।

समय पर फिटनेस नहीं कराई तो रजिस्ट्रेशन होगा रद्द

एआरटीओ कार्यालय ने सभी स्कूल संचालकों को चेतावनी दी है कि निर्धारित समय के भीतर वाहनों की मरम्मत कराकर परिवहन कार्यालय अथवा अधिकृत ATS सेंटर पर फिटनेस परीक्षण कराना अनिवार्य होगा।

यदि समय सीमा के भीतर फिटनेस नहीं कराई गई तो संबंधित वाहनों का पंजीकरण निलंबित या निरस्त किया जा सकता है। इसके अलावा अत्यधिक अनफिट और अनुपयोगी वाहनों को Registered Vehicle Scrapping Facility (RVSF) के माध्यम से स्क्रैप घोषित करने की कार्रवाई भी की जाएगी।

स्कूलों में बनेगी विशेष निगरानी समिति

उत्तर प्रदेश मोटरयान नियमावली-1998 के अध्याय-9(क) के नियम-222(छ) के तहत प्रत्येक विद्यालय में विद्यालय वाहन सुरक्षा समिति का गठन किया जाएगा।

इस समिति की अध्यक्षता विद्यालय प्राधिकारी करेंगे, जबकि इसमें जिला मजिस्ट्रेट द्वारा नामित अधिकारी, पुलिस विभाग, बेसिक शिक्षा अधिकारी, जिला विद्यालय निरीक्षक, स्थानीय निकाय और अभिभावकों के प्रतिनिधियों को शामिल किया जाएगा। समिति का उद्देश्य स्कूली वाहनों की नियमित निगरानी और सुरक्षा मानकों का पालन सुनिश्चित करना होगा।

जिलाधिकारी करेंगे सभी स्कूल प्रबंधकों के साथ समीक्षा बैठक

प्रशासन ने बताया कि जुलाई के प्रथम सप्ताह में जिलाधिकारी चंद्र मोहन गर्ग की अध्यक्षता में जिले के सभी विद्यालयों के प्रबंधकों, प्रधानाचार्यों और प्रतिनिधियों की एक महत्वपूर्ण बैठक आयोजित की जाएगी। बैठक में स्कूल वाहन सुरक्षा से जुड़े सभी मानकों की समीक्षा की जाएगी और नियमों के पालन को लेकर आवश्यक दिशा-निर्देश जारी किए जाएंगे।

अभिभावकों से भी की गई सतर्क रहने की अपील

जिला प्रशासन ने अभिभावकों से भी अपील की है कि वे अपने बच्चों को स्कूल भेजने से पहले यह सुनिश्चित करें कि जिस वाहन से बच्चे आ-जा रहे हैं, उसमें सभी आवश्यक सुरक्षा मानक मौजूद हों। अधिकारियों का कहना है कि बच्चों की सुरक्षा केवल प्रशासन की नहीं, बल्कि विद्यालय और अभिभावकों की भी समान जिम्मेदारी है।

प्रशासन ने स्पष्ट किया है कि ‘मिशन सेफ फ्यूचर’ के तहत ऐसे विशेष निरीक्षण अभियान आगे भी लगातार जारी रहेंगे और नियमों का उल्लंघन करने वालों के खिलाफ कठोर कार्रवाई की जाएगी।


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