
Chandauli News: चंदौली के नौगढ़ तहसील क्षेत्र से एक बेहद दर्दनाक घटना सामने आई है। कोठी घाट गांव में जहरीले सांप के काटने से पांच माह की गर्भवती महिला की मौत हो गई। आरोप है कि समय पर अस्पताल ले जाने के बजाय परिजन उसे झाड़-फूंक के लिए ले गए, जिससे इलाज में देरी हुई और उसकी जान नहीं बचाई जा सकी। इस घटना के बाद पूरे परिवार में मातम पसरा है, जबकि डेढ़ साल की मासूम बेटी अपनी मां के साये से हमेशा के लिए वंचित हो गई।
रात में सोते समय सांप ने काटा
जानकारी के अनुसार, कोठी घाट गांव निवासी राकेश निषाद की पत्नी प्रीति निषाद (करीब 24 वर्ष) पांच माह की गर्भवती थीं। दोनों की शादी लगभग तीन वर्ष पहले हुई थी और उनकी डेढ़ वर्ष की एक बेटी परी है। परिवार गांव से कुछ दूरी पर खेत में बने अपने मकान में रहता था।
मंगलवार रात भोजन करने के बाद पति-पत्नी सो गए। देर रात अचानक प्रीति की चीख सुनकर राकेश की नींद खुली। उन्होंने देखा कि उनकी पत्नी को जहरीले सांप ने काट लिया है।
अस्पताल की बजाय झाड़-फूंक में गंवाया कीमती समय
घटना के बाद महिला को तुरंत अस्पताल ले जाने के बजाय परिजन उसे चकिया क्षेत्र के सैदुपुर स्थित सती मां स्थल पर झाड़-फूंक कराने ले गए। वहां कई घंटों तक झाड़-फूंक होती रही, लेकिन महिला की हालत लगातार बिगड़ती गई।
बताया जा रहा है कि जब तक चिकित्सकीय उपचार कराने का निर्णय लिया गया, तब तक काफी देर हो चुकी थी और प्रीति ने दम तोड़ दिया।
परिवार पर टूटा दुखों का पहाड़
प्रीति की मौत से परिवार पर दुखों का पहाड़ टूट पड़ा है। गर्भ में पल रहे शिशु के साथ-साथ परिवार ने अपनी बहू को भी खो दिया। वहीं डेढ़ साल की मासूम बेटी परी अब बिना मां के रह गई है। गांव में घटना के बाद शोक का माहौल है और लोग समय पर चिकित्सा उपचार न मिलने को लेकर चिंता जता रहे हैं।
सांप काटने पर विशेषज्ञ क्या सलाह देते हैं?
स्वास्थ्य विशेषज्ञों का कहना है कि सांप काटने की स्थिति में झाड़-फूंक पर भरोसा करने के बजाय मरीज को तुरंत नजदीकी अस्पताल या स्वास्थ्य केंद्र पहुंचाना चाहिए, क्योंकि समय पर एंटी-स्नेक वेनम (ASV) मिलने से कई मामलों में जान बचाई जा सकती है। विशेषज्ञ बार-बार लोगों से अंधविश्वास से बचने और वैज्ञानिक उपचार अपनाने की अपील करते हैं।