
Chandauli News: ऑनलाइन वित्तीय धोखाधड़ी के खिलाफ कार्रवाई करते हुए चंदौली पुलिस ने साइबर ठगी से जुड़े दो आरोपियों को गिरफ्तार किया है। पुलिस के मुताबिक, आरोपी लोन, डिलीवरी पार्सल, फेसबुक विज्ञापन, पार्ट टाइम जॉब और निवेश के नाम पर लोगों को झांसा देने वाले साइबर ठगी नेटवर्क से जुड़े थे। जांच में इनके इस्तेमाल किए गए म्यूल बैंक खातों के जरिए कई राज्यों में ठगी की रकम के लेन-देन का पता चला है।
पुलिस ने दो आरोपियों को किया गिरफ्तार
गिरफ्तार आरोपियों की पहचान बिहार निवासी नीतीश कुमार पुत्र कृष्णदेव प्रसाद और सकलडीहा निवासी अमन शर्मा के रूप में हुई है। यह कार्रवाई पुलिस अधीक्षक आकाश पटेल के निर्देश पर अलीनगर थाना पुलिस और साइबर टीम ने की।
मंगलवार को पुलिस लाइन स्थित नवीन सभागार में एसपी आकाश पटेल ने मामले का खुलासा करते हुए बताया कि आरोपियों के नेटवर्क की जांच आगे भी जारी है।
लोन, पार्सल और पार्ट टाइम जॉब के नाम पर ठगी
पुलिस के अनुसार, साइबर ठग अलग-अलग तरीकों से लोगों को अपने जाल में फंसाते थे। इनमें फाइनेंस के नाम पर लोन दिलाने, डिलीवरी पार्सल के भुगतान, फेसबुक पर विज्ञापन दिखाकर, पार्ट टाइम जॉब और निवेश के नाम पर पैसे ऐंठने जैसे तरीके शामिल थे।
जांच के दौरान पुलिस को ऐसे बैंक खातों का पता चला, जिनका इस्तेमाल कथित तौर पर साइबर ठगी की रकम को प्राप्त करने और आगे ट्रांसफर करने के लिए किया जाता था।
आठ राज्यों तक पहुंची ठगी की रकम
पुलिस के मुताबिक, आरोपियों से जुड़े म्यूल बैंक खातों में कई राज्यों से संबंधित एनसीआरपी मामलों की ठगी की रकम के लेन-देन का पता चला है।
इनमें तमिलनाडु, गुजरात, पश्चिम बंगाल, कर्नाटक, तेलंगाना, राजस्थान, महाराष्ट्र और उत्तर प्रदेश के मामले शामिल हैं। इससे पुलिस को साइबर ठगी के नेटवर्क के व्यापक स्तर पर सक्रिय होने के संकेत मिले हैं।
फर्जी आधार से खुलवाते थे बैंक खाते
पूछताछ में पुलिस को पता चला कि आरोपी अपनी पहचान छिपाने और कानून से बचने के लिए स्थानीय पते के फर्जी आधार कार्ड का इस्तेमाल करते थे।
पुलिस के अनुसार, अमन शर्मा इलाके में घूमकर लोगों को अपने झांसे में लेता था। इसके बाद वह उनके नाम और अपने नाम से अलग-अलग बैंकों में खाते खुलवाता था।
पासबुक से लेकर सिम कार्ड तक नेटवर्क को देते थे
खाते खुलवाने के बाद अमन शर्मा कथित तौर पर उन खातों की पासबुक, चेकबुक, डेबिट कार्ड और सिम कार्ड जैसी बैंकिंग सामग्री साइबर ठगी से जुड़े लोगों को उपलब्ध कराता था।
पुलिस के मुताबिक, नीतीश कुमार इन बैंक खातों और बैंकिंग सामग्री को नवादा, बिहार निवासी सोनू सिंह तक पहुंचाता था। पुलिस का दावा है कि सोनू सिंह के माध्यम से देश के अलग-अलग हिस्सों में साइबर ठगी का नेटवर्क संचालित किया जा रहा था।
मुगलसराय के VIP गेट के पास से गिरफ्तारी
पुलिस टीम ने मुखबिर से मिली सूचना के आधार पर कार्रवाई करते हुए दोनों आरोपियों को मुगलसराय के VIP गेट के पास से गिरफ्तार किया।
पुलिस अब आरोपियों से जुड़े अन्य लोगों, बैंक खातों और साइबर ठगी के नेटवर्क की जानकारी जुटा रही है। पुलिस का कहना है कि जांच के दौरान सामने आने वाले तथ्यों के आधार पर आगे की कानूनी कार्रवाई की जाएगी।
गिरफ्तारी करने वाली टीम
कार्रवाई करने वाली पुलिस टीम में अलीनगर प्रभारी निरीक्षक गगन राज सिंह, अभिषेक शुक्ला, राजीव, अमित सिंह, पवन कुमार यादव, संतोष यादव, अनिल प्रजापति, अली अहमद और गणेश तिवारी शामिल रहे। पुलिस के मुताबिक, साइबर ठगी से जुड़े अन्य संदिग्धों और लेन-देन की भी जांच की जा रही है।