
Chandauli News: किसानों के लिए खरीफ सीजन से पहले बड़ा बदलाव लागू होने जा रहा है। अब उर्वरक (खाद) केवल फार्मर आईडी के आधार पर ही उपलब्ध कराया जाएगा। शासन ने किसानों को उनकी भूमि की जोत के अनुसार निर्धारित मात्रा में खाद देने की योजना तैयार की है, जिसे 1 जून से अनिवार्य रूप से लागू किया जाएगा। इस नई व्यवस्था का उद्देश्य उर्वरकों की कालाबाजारी पर रोक लगाना और जरूरतमंद किसानों तक सही मात्रा में खाद पहुंचाना है।
प्रति हेक्टेयर तय होगी खाद की मात्रा
कृषि विभाग ने उर्वरकों के वितरण के लिए स्पष्ट मानक निर्धारित कर दिए हैं। इसके तहत किसानों को प्रति हेक्टेयर अधिकतम सात बोरी यूरिया और पांच बोरी डीएपी ही दी जाएगी। जब किसान खाद खरीदने जाएंगे, तो ई-पास मशीन में उनकी फार्मर आईडी दर्ज करते ही उनके द्वारा पहले खरीदी गई खाद का पूरा रिकॉर्ड सामने आ जाएगा। इससे अधिक मात्रा में खरीदारी और गड़बड़ी पर प्रभावी नियंत्रण संभव होगा।
बिना दस्तावेज नहीं मिलेगा उर्वरक
नई व्यवस्था लागू होने के बाद किसानों को खाद प्राप्त करने के लिए आधार कार्ड, खतौनी और फार्मर आईडी अनिवार्य रूप से दिखानी होगी। बिना इन दस्तावेजों के उर्वरक मिलना संभव नहीं होगा। इससे फर्जी खरीद और बिचौलियों की भूमिका पर भी रोक लगेगी।
सभी योजनाओं से जुड़ी होगी फार्मर आईडी
फार्मर आईडी को अब कृषि से जुड़ी सभी सरकारी योजनाओं से जोड़ा जा रहा है। इसमें प्रधानमंत्री किसान सम्मान निधि, उर्वरक सब्सिडी, सरकारी क्रय केंद्रों पर उपज की बिक्री, फ्री बोरिंग योजना और उद्यान विभाग की सेवाएं शामिल हैं। यानी अब बिना फार्मर आईडी के किसान किसी भी सरकारी योजना का लाभ नहीं उठा सकेंगे।
फार्मर रजिस्ट्री कराना हुआ जरूरी
कृषि विभाग ने सभी किसानों के लिए फार्मर रजिस्ट्री कराना अनिवार्य कर दिया है। जिन किसानों ने अभी तक रजिस्ट्रेशन नहीं कराया है, वे अपने नजदीकी जन सेवा केंद्र पर आधार कार्ड और जमीन से संबंधित दस्तावेजों के साथ जाकर रजिस्ट्रेशन करा सकते हैं। विभाग ने किसानों से जल्द से जल्द यह प्रक्रिया पूरी करने की अपील की है।
गाटा दर्ज न होने से बढ़ी परेशानी
फार्मर आईडी बनवाते समय कई किसानों ने केवल एक ही गाटा (खेत) दर्ज कराया है, जिससे उन्हें सीमित लाभ मिल रहा है। ऐसे में अब किसानों को अपने सभी गाटों को पंजीकरण में शामिल कराना अनिवार्य होगा। इसके लिए उन्हें क्षेत्रीय लेखपाल से संपर्क करना होगा, ताकि भविष्य में किसी योजना का लाभ लेने में परेशानी न हो।
उर्वरक वितरण पर रहेगी सख्त निगरानी
यूरिया और डीएपी के वितरण को लेकर प्रशासन ने निगरानी समिति का गठन किया है। तहसील स्तर पर उप जिलाधिकारी और ब्लॉक स्तर पर खंड विकास अधिकारी सहित अन्य अधिकारी इस व्यवस्था की निगरानी करेंगे। इससे उर्वरकों के सही वितरण और कालाबाजारी पर नियंत्रण सुनिश्चित किया जाएगा।
अंतरराष्ट्रीय हालात को देखते हुए फैसला
अधिकारियों के अनुसार, वैश्विक परिस्थितियों और उर्वरकों की आपूर्ति पर संभावित असर को ध्यान में रखते हुए यह सख्त कदम उठाया गया है। इससे देश में खाद की उपलब्धता को संतुलित बनाए रखने में मदद मिलेगी।
अधिकारियों की अपील
जिला कृषि अधिकारी विनोद कुमार ने कहा कि जो किसान अभी तक फार्मर रजिस्ट्री से वंचित हैं, वे जल्द से जल्द रजिस्ट्रेशन करा लें। अन्यथा वे उर्वरक, सब्सिडी और कृषि से जुड़ी अन्य योजनाओं के लाभ से वंचित हो सकते हैं।
ALSO READ – नारी शक्ति वंदन पर सरकार का बड़ा कदम, पीएम मोदी बोले- अब महिलाएं तय करेंगी देश की दिशा
