11 तीर्थों के जल से होगा सोमनाथ मंदिर का कुंभाभिषेक, क्या है इस अनुष्ठान का रहस्य?

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Kumbhabhishek Somnath Temple

Kumbhabhishek Somnath Temple: भगवान शिव के प्रथम ज्योतिर्लिंग माने जाने वाले सोमनाथ मंदिर के पुनर्निर्माण के 75 वर्ष पूरे होने पर इस बार ‘सोमनाथ अमृत महोत्सव’ विशेष रूप से मनाया जा रहा है। इस ऐतिहासिक अवसर पर प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी भी समारोह में शामिल हुए हैं। महोत्सव के दौरान मंदिर में विशेष महापूजा, ध्वजारोहण और कई वैदिक अनुष्ठान आयोजित किए जाएंगे।

इस आयोजन की सबसे खास बात यह है कि सोमनाथ मंदिर में पहली बार ‘कुंभाभिषेक’ अनुष्ठान होने जा रहा है। देश के 11 पवित्र तीर्थस्थलों से लाए गए जल से मंदिर के शिखर और कलश का अभिषेक किया जाएगा।

क्या होता है कुंभाभिषेक?

कुंभाभिषेक दो शब्दों से मिलकर बना है – ‘कुंभ’ यानी पवित्र कलश और ‘अभिषेक’ यानी पवित्र स्नान। इस अनुष्ठान में वैदिक मंत्रों के उच्चारण के बीच अभिमंत्रित जल को मंदिर के शिखर, कलश और देवी-देवताओं की प्रतिमाओं पर अर्पित किया जाता है।

यह परंपरा मुख्य रूप से दक्षिण भारत के मंदिरों में प्रचलित है, जहां 10 से 12 वर्षों के अंतराल पर कुंभाभिषेक आयोजित किया जाता है। धार्मिक मान्यताओं के अनुसार यह अनुष्ठान मंदिर की आध्यात्मिक ऊर्जा और पवित्रता को पुनः जागृत करने का माध्यम माना जाता है।

मंदिर की आध्यात्मिक शक्ति को जागृत करने की परंपरा

धार्मिक मान्यताओं के अनुसार जब किसी नए मंदिर का निर्माण होता है, तब ‘नूतन कुंभाभिषेकम’ किया जाता है। इसका उद्देश्य मंदिर में स्थापित देव प्रतिमाओं में दिव्य ऊर्जा का आवाहन करना होता है।

इसके बाद निश्चित अंतराल पर पुनः कुंभाभिषेक किया जाता है ताकि मंदिर की आध्यात्मिक शक्ति और सकारात्मक ऊर्जा बनी रहे। माना जाता है कि इस प्रक्रिया से मंदिर का वातावरण अधिक पवित्र और ऊर्जावान हो जाता है।

सोमनाथ मंदिर में पहली बार होगा विशेष अनुष्ठान

सोमनाथ मंदिर के पुनर्निर्माण को 75 वर्ष पूरे होने के उपलक्ष्य में पहली बार यहां कुंभाभिषेक का आयोजन किया जा रहा है। इसके लिए विशेष तैयारियां की गई हैं।

मंदिर के ऊंचे शिखर पर देशभर के 11 प्रमुख तीर्थस्थलों से एकत्रित पवित्र जल अर्पित किया जाएगा। वैदिक मंत्रोच्चार के बीच पुजारी मंदिर के शिखर और कलश का अभिषेक करेंगे।

धार्मिक मान्यता है कि मंदिर के शिखर पर अर्पित जल से ब्रह्मांडीय ऊर्जा गर्भगृह में स्थित शिवलिंग तक पहुंचती है, जिससे मंदिर की दिव्यता और आध्यात्मिक शक्ति और अधिक प्रबल होती है।

PM मोदी भी होंगे शामिल

प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ‘सोमनाथ अमृत महोत्सव’ के दौरान आयोजित विशेष पूजा और धार्मिक कार्यक्रमों में शामिल हो चुके हैं। इस अवसर पर मंदिर की ऐतिहासिक विरासत और सांस्कृतिक महत्व को दर्शाने वाले कई कार्यक्रम भी आयोजित किए गए हैं।

सोमनाथ मंदिर भारत की आस्था, इतिहास और सभ्यतागत गौरव का प्रतीक माना जाता है। ऐसे में 75 वर्ष पूरे होने पर आयोजित यह कुंभाभिषेक धार्मिक और सांस्कृतिक दृष्टि से बेहद खास माना जा रहा है।


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