
UP Police Social Media Policy: सोशल मीडिया पर बढ़ती रीलबाजी और विवादित पोस्ट को लेकर उत्तर प्रदेश पुलिस मुख्यालय ने सख्त रुख अपनाया है। डीजीपी कार्यालय की तरफ से जारी नए निर्देशों में साफ कहा गया है कि सोशल मीडिया पॉलिसी-2023 का उल्लंघन करने वाले पुलिसकर्मियों के खिलाफ तत्काल विभागीय कार्रवाई की जाएगी। साथ ही ऐसे मामलों की हर महीने रिपोर्ट तैयार कर उच्चाधिकारियों को भेजी जाएगी।
दरअसल, उत्तर प्रदेश पुलिस ने 8 फरवरी 2023 को डीजी परिपत्र संख्या-05/2023 के तहत सोशल मीडिया पॉलिसी लागू की थी। इसका उद्देश्य पुलिसकर्मियों द्वारा सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म्स के जिम्मेदाराना उपयोग को सुनिश्चित करना था। लेकिन हाल के दिनों में कई सेवारत और प्रशिक्षण प्राप्त कर रहे पुलिसकर्मियों द्वारा वर्दी में रील बनाकर पोस्ट करने, वायरल वीडियो शेयर करने और आपत्तिजनक कंटेंट अपलोड करने के मामले सामने आए थे।

डीजीपी कार्यालय ने माना कि ऐसी गतिविधियों से सरकारी कार्य प्रभावित हो रहा है और यूपी पुलिस की सार्वजनिक छवि व अनुशासन पर भी नकारात्मक असर पड़ रहा है। इसी को देखते हुए सभी जिलों और यूनिट्स के वरिष्ठ अधिकारियों को निर्देश दिए गए हैं कि वे अपने अधीनस्थ कर्मचारियों की सोशल मीडिया गतिविधियों पर लगातार नजर रखें।
आदेश में यह भी स्पष्ट किया गया है कि सोशल मीडिया पॉलिसी का उल्लंघन करने वाले पुलिसकर्मियों की पहचान कर उनके खिलाफ विभागीय कार्रवाई सुनिश्चित की जाए। इतना ही नहीं, विवादित पोस्ट या वीडियो का URL और संबंधित रिकॉर्ड सुरक्षित रखने के निर्देश भी दिए गए हैं ताकि भविष्य में कार्रवाई के दौरान उनका इस्तेमाल किया जा सके।
पुलिस मुख्यालय ने यह भी कहा है कि हर महीने कार्रवाई से जुड़ी विस्तृत रिपोर्ट निर्धारित प्रारूप में भेजना अनिवार्य होगा। माना जा रहा है कि हाल के दिनों में पुलिसकर्मियों द्वारा वर्दी में इंस्टाग्राम रील बनाने और सोशल मीडिया पर अनुशासनहीन सामग्री पोस्ट करने की बढ़ती घटनाओं के बाद यह बड़ा कदम उठाया गया है।
अब यूपी पुलिस में सोशल मीडिया के इस्तेमाल को लेकर निगरानी और सख्ती दोनों बढ़ने वाली हैं। अधिकारियों का साफ संदेश है कि वर्दी की गरिमा से समझौता करने वालों को किसी भी हाल में बख्शा नहीं जाएगा।