
Cockroach Janta Party Pakistan Connection: सोशल मीडिया पर व्यंग्य और मजाक के तौर पर शुरू हुई ‘कॉकरोच जनता पार्टी’ अब राजनीतिक बहस का बड़ा केंद्र बनती जा रही है। कुछ ही दिनों में इंटरनेट पर तेजी से लोकप्रिय हुई इस पार्टी को लेकर अब नेताओं के बयान, आरोप और सोशल मीडिया वॉर खुलकर सामने आने लगे हैं।
बीते पांच दिनों के भीतर इस पार्टी के इंस्टाग्राम पेज पर करीब 15 मिलियन फॉलोअर्स जुड़ने का दावा किया जा रहा है। यही वजह है कि यह ट्रेंड अब केवल सोशल मीडिया तक सीमित नहीं रहा, बल्कि राष्ट्रीय राजनीतिक चर्चा का हिस्सा बन चुका है।
BJP नेता ने लगाया ‘पाकिस्तान कनेक्शन’ का आरोप
पूरा विवाद उस समय और बढ़ गया जब दिल्ली के एक भाजपा नेता ने ‘कॉकरोच जनता पार्टी’ को लेकर बड़ा दावा किया। उन्होंने सोशल मीडिया पर पोस्ट करते हुए इसे “Pakistan Janta Party” बताया और कथित इनसाइट डेटा की एक तस्वीर साझा की।

जारी किए गए पाइचार्ट में दावा किया गया कि पार्टी के सोशल मीडिया फॉलोअर्स में सबसे ज्यादा हिस्सेदारी पाकिस्तान से है। पोस्ट के अनुसार करीब 49 प्रतिशत फॉलोअर्स पाकिस्तान से बताए गए हैं।
इसके अलावा अमेरिका और बांग्लादेश से 14-14 प्रतिशत, भारत से 9 प्रतिशत, जबकि ब्रिटेन, ऑस्ट्रेलिया, सऊदी अरब और यूएई से भी बड़ी संख्या में फॉलोअर्स होने का दावा किया गया।
हालांकि इन आंकड़ों की स्वतंत्र रूप से पुष्टि नहीं हो सकी है।
सोशल मीडिया पर छिड़ी तीखी बहस
इस दावे के सामने आने के बाद सोशल मीडिया पर जबरदस्त बहस छिड़ गई। कुछ यूजर्स ने इसे राजनीतिक प्रोपेगेंडा बताया, जबकि कई लोगों ने इसे गंभीर जांच का विषय माना।
कई लोगों का कहना है कि यह युवाओं की नाराजगी और मौजूदा राजनीतिक व्यवस्था के खिलाफ डिजिटल विरोध का नया तरीका बनता जा रहा है। वहीं कुछ लोग इसे सिर्फ एक वायरल इंटरनेट ट्रेंड मान रहे हैं।
एक्स अकाउंट ब्लॉक होने के बाद और बढ़ा विवाद
मामले ने नया मोड़ तब लिया जब ‘कॉकरोच जनता पार्टी’ का एक्स (पूर्व ट्विटर) अकाउंट कथित तौर पर ब्लॉक कर दिया गया। इसके बाद इंटरनेट पर “फ्री स्पीच” और “डिजिटल सेंसरशिप” को लेकर भी बहस तेज हो गई।
सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म्स पर हजारों यूजर्स ने इस कार्रवाई पर सवाल उठाए और पार्टी के समर्थन में पोस्ट साझा किए।
CJI के कथित बयान के बाद शुरू हुआ पूरा मामला
दरअसल, इस पूरे विवाद की शुरुआत 15 मई 2026 को हुई थी। सुप्रीम कोर्ट में एक मामले की सुनवाई के दौरान न्यायमूर्ति Surya Kant के एक कथित बयान ने सोशल मीडिया पर बड़ा विवाद खड़ा कर दिया था।
रिपोर्ट्स के मुताबिक, उन्होंने बेरोजगार पढ़े-लिखे युवाओं के एक समूह की तुलना ‘कॉकरोच’ और ‘परजीवी’ से की थी। हालांकि बाद में उन्होंने सफाई देते हुए कहा कि उनका इशारा केवल फर्जी डिग्री रखने वालों की ओर था।
लेकिन तब तक यह बयान इंटरनेट पर वायरल हो चुका था और इसके बाद व्यंग्य के तौर पर ‘कॉकरोच जनता पार्टी’ का ट्रेंड शुरू हो गया।
क्या सोशल मीडिया ट्रेंड बनेगा राजनीतिक आंदोलन?
अब बड़ा सवाल यह है कि क्या ‘कॉकरोच जनता पार्टी’ केवल सोशल मीडिया का एक वायरल ट्रेंड बनकर रह जाएगी या फिर यह मौजूदा राजनीतिक व्यवस्था के खिलाफ युवाओं के डिजिटल विरोध का बड़ा प्रतीक बन सकती है।
फिलहाल इंटरनेट से शुरू हुआ यह विवाद अब राष्ट्रीय राजनीतिक विमर्श में अपनी जगह बना चुका है।
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