बाढ़ आने से पहले चंदौली प्रशासन अलर्ट, ADM ने की राहत शिविरों से लेकर दवाओं तक समीक्षा

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Chandauli News

Chandauli News: चंदौली में संभावित बाढ़ और बारिश के मौसम को देखते हुए प्रशासन पूरी तरह अलर्ट मोड में आ गया है। जिलाधिकारी चन्द्र मोहन गर्ग के निर्देशन में शुक्रवार को कलेक्ट्रेट सभागार में बाढ़ क्षेत्रों के अनुश्रवण, बचाव और राहत तैयारियों को लेकर बाढ़ स्टीयरिंग ग्रुप की महत्वपूर्ण बैठक आयोजित की गई। बैठक की अध्यक्षता अपर जिलाधिकारी रतन वर्मा ने की।

बैठक में अपर जिलाधिकारी ने बाढ़ से संबंधित सभी विभागों के अधिकारियों से बिंदुवार तैयारियों की जानकारी ली और स्पष्ट निर्देश दिया कि बाढ़ प्रबंधन को लेकर किसी भी स्तर पर लापरवाही नहीं होनी चाहिए। उन्होंने कहा कि सभी विभाग प्राथमिकता के आधार पर अपनी तैयारियां समय रहते पूरी कर लें, ताकि आपात स्थिति में लोगों को किसी प्रकार की परेशानी का सामना न करना पड़े।

बाढ़ चौकियों और राहत शिविरों की तैयारी पर जोर

अपर जिलाधिकारी रतन वर्मा ने अधिकारियों को निर्देशित करते हुए कहा कि बाढ़ चौकियों के लिए स्थल चिन्हांकन का कार्य समय से पूरा कर लिया जाए। जिन स्कूलों को बाढ़ के दौरान विस्थापित परिवारों के लिए राहत शिविर के रूप में चिन्हित किया गया है, वहां पहले से साफ-सफाई सुनिश्चित कर ली जाए।

उन्होंने कहा कि स्कूल भवन अच्छी स्थिति में होने चाहिए और वहां शौचालय, पेयजल, बिजली और रोशनी की पर्याप्त व्यवस्था पहले से सुनिश्चित कर ली जाए। राहत शिविरों में किसी भी प्रकार की अव्यवस्था बर्दाश्त नहीं की जाएगी।

पशुओं के लिए अलग व्यवस्था करने के निर्देश

बैठक के दौरान अपर जिलाधिकारी ने मुख्य पशु चिकित्सा अधिकारी को निर्देश दिया कि पशुओं के लिए भूसे का टेंडर समय रहते पूरा कर लिया जाए। साथ ही बाढ़ के दौरान पशुओं को सुरक्षित स्थान पर विस्थापित करने के लिए उपयुक्त स्थलों का चयन भी पहले से कर लिया जाए।

उन्होंने कहा कि पशुधन ग्रामीण अर्थव्यवस्था का महत्वपूर्ण हिस्सा है, इसलिए बाढ़ के दौरान पशुओं की सुरक्षा और भोजन की पर्याप्त व्यवस्था सुनिश्चित की जाए।

अस्पतालों में दवाओं और एंटी वैनम की उपलब्धता सुनिश्चित करने के निर्देश

मुख्य चिकित्सा अधिकारी को निर्देशित करते हुए अपर जिलाधिकारी ने कहा कि सभी अस्पतालों और स्वास्थ्य केंद्रों में मौसम जनित बीमारियों से संबंधित पर्याप्त दवाएं उपलब्ध रहें।

उन्होंने विशेष रूप से निर्देश दिया कि सांप और अन्य विषैले जीवों के काटने से बचाव के लिए एंटी वैनम वैक्सीन पर्याप्त मात्रा में उपलब्ध कराई जाए। इसके अलावा बाढ़ के बाद फैलने वाली बीमारियों को रोकने के लिए दवाओं का छिड़काव और टीकाकरण अभियान प्राथमिकता पर चलाया जाए।

जर्जर बिजली पोल और तार बदलने के निर्देश

अधिशासी अभियंता विद्युत को निर्देश देते हुए अपर जिलाधिकारी ने कहा कि आंधी-तूफान में गिरने या टूटने की आशंका वाले जर्जर बिजली पोल और तारों को तत्काल चिन्हित कर अभियान चलाकर बदला जाए।

उन्होंने स्पष्ट कहा कि बारिश और बाढ़ के दौरान बिजली से जुड़ी कोई बड़ी दुर्घटना नहीं होनी चाहिए। जहां भी खतरे की आशंका हो, वहां समय रहते सुधार कार्य पूरा कराया जाए।

नाव और गोताखोरों की सूची तैयार करने का निर्देश

अपर जिलाधिकारी रतन वर्मा ने संबंधित अधिकारियों को निर्देश दिया कि नाव और गोताखोरों की सूची तत्काल तैयार कर ली जाए। उन्होंने कहा कि सभी नाव अच्छी स्थिति में हों और जर्जर नावों का इस्तेमाल बिल्कुल न किया जाए।

साथ ही नावों की क्षमता तय कर उसका रिकॉर्ड तैयार रखने के निर्देश दिए गए, ताकि आपदा के समय राहत और बचाव कार्य तेजी से किया जा सके।

जलभराव रोकने के लिए नगर निकायों को निर्देश

नगर पालिका और नगर पंचायत के अधिशासी अधिकारियों को निर्देशित करते हुए अपर जिलाधिकारी ने कहा कि शहर और कस्बों में कहीं भी जलभराव की स्थिति न बनने पाए।

उन्होंने कहा कि नालियों और नालों की सफाई समय से करा ली जाए और जहां जाम की समस्या है, वहां तत्काल कार्रवाई हो। इसके अलावा झाड़ियों की कटाई, फॉगिंग, एंटी लार्वा दवा और चूने का छिड़काव नियमित रूप से कराया जाए।

चंद्रप्रभा बांध से छोड़े जाने वाले पानी की मॉनिटरिंग के निर्देश

अपर जिलाधिकारी ने अधिशासी अभियंता चंद्रप्रभा को निर्देशित करते हुए कहा कि बाढ़ के समय कितना पानी छोड़ा जा रहा है, इसकी सही और सटीक जानकारी संबंधित विभागों के पास होनी चाहिए।

उन्होंने कहा कि पानी छोड़े जाने की पूरी गणना पहले से तैयार रखी जाए और उसी के अनुसार बाढ़ प्रबंधन की रणनीति बनाई जाए, ताकि किसी प्रकार की जनहानि या दुर्घटना न हो।

“बाढ़ के समय कोई लापरवाही क्षम्य नहीं होगी”

बैठक के अंत में अपर जिलाधिकारी रतन वर्मा ने सभी अधिकारियों को सख्त निर्देश देते हुए कहा कि बाढ़ प्रबंधन को लेकर किसी भी प्रकार की लापरवाही क्षम्य नहीं होगी। सभी विभाग आपसी समन्वय के साथ कार्य करें और समय रहते सभी तैयारियां पूरी कर लें।

बैठक में मुख्य चिकित्सा अधिकारी डॉ. वाई.के. राय सहित बाढ़ प्रबंधन से जुड़े विभिन्न विभागों के अधिकारी मौजूद रहे।


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