
CM Yogi Statement : देश में गाय को राष्ट्रीय पशु घोषित किए जाने की मांग को लेकर राजनीतिक और सामाजिक बहस लगातार तेज होती जा रही है। बकरीद के मौके पर देश के कई हिस्सों में मुस्लिम समुदाय के लोगों और विभिन्न मौलानाओं द्वारा हाथों में पोस्टर लेकर गाय को राष्ट्रीय पशु घोषित करने की मांग उठाए जाने के बाद अब इस मुद्दे पर नई प्रतिक्रियाएं सामने आ रही हैं। इसी बीच उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के बयान पर ऑल इंडिया मुस्लिम जमात के राष्ट्रीय अध्यक्ष मौलाना शहाबुद्दीन रजवी बरेलवी ने बड़ा बयान दिया है।
मौलाना शहाबुद्दीन रजवी ने कहा कि यदि गाय को भारत का राष्ट्रीय पशु घोषित किया जाता है तो इसमें किसी को कोई दिक्कत नहीं होनी चाहिए। उन्होंने कहा कि “मां और बेटे का रिश्ता अटूट होता है” और गाय को राष्ट्रीय पशु बनाए जाने से कई सामाजिक समस्याओं का समाधान निकल सकता है।

उन्होंने आगे कहा कि इस्लाम में भी गाय के मांस के सेवन को बीमारी का कारण बताया गया है, जबकि गाय के दूध को शिफा यानी स्वास्थ्यवर्धक माना गया है। मौलाना रजवी के इस बयान के बाद यह मुद्दा एक बार फिर राष्ट्रीय चर्चा का केंद्र बन गया है।
दरअसल, उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने हाल ही में बिजनौर दौरे के दौरान गाय को राष्ट्रीय पशु घोषित करने की मांग पर प्रतिक्रिया दी थी। मुख्यमंत्री ने कहा था, “गाय हमारी माता है। ज्ञापन देने के बजाय लोगों को अपने शोहदों को समझाना चाहिए, अन्यथा ऐसी दुर्गति होगी जिसे कई पीढ़ियां याद रखेंगी।”
मुख्यमंत्री के इस बयान के बाद राजनीतिक और सामाजिक हलकों में तीखी प्रतिक्रियाएं देखने को मिलीं। वहीं, मुस्लिम समाज के कई संगठनों और धर्मगुरुओं ने भी इस मुद्दे पर अपनी राय सार्वजनिक रूप से रखी।
गौरतलब है कि 28 मई को बकरीद के अवसर पर देश के अलग-अलग हिस्सों से ऐसी तस्वीरें सामने आई थीं, जिनमें मुस्लिम समुदाय के लोग गाय को राष्ट्रीय पशु घोषित करने की मांग करते दिखाई दिए थे। इस मांग को जमीयत उलेमा-ए-हिंद के अध्यक्ष मौलाना अरशद मदनी ने भी समर्थन दिया था। इसके बाद कई मुस्लिम संगठनों और सामाजिक समूहों ने भी इस विषय पर सकारात्मक प्रतिक्रिया दी।
अब मौलाना शहाबुद्दीन रजवी के बयान के बाद इस मुद्दे ने और अधिक तूल पकड़ लिया है। राजनीतिक दलों, सामाजिक संगठनों और धार्मिक नेताओं के बीच इस विषय को लेकर बहस जारी है। कुछ लोग इसे सामाजिक सद्भाव और सांस्कृतिक सम्मान से जोड़कर देख रहे हैं, जबकि कुछ इसे राजनीतिक मुद्दा बता रहे हैं।
फिलहाल गाय को राष्ट्रीय पशु घोषित किए जाने को लेकर देशभर में चर्चाओं का दौर जारी है और आने वाले दिनों में इस मुद्दे पर और प्रतिक्रियाएं सामने आने की संभावना है।