
Ayodhya Ram Mandir : राम मंदिर में श्रद्धालुओं के चढ़ावे से जुड़ी कथित अनियमितताओं के मामले में पहली बार औपचारिक कानूनी कार्रवाई की गई है। राम मंदिर ट्रस्ट की शिकायत पर 8 नामजद आरोपियों और कुछ अज्ञात लोगों के खिलाफ एफआईआर दर्ज की गई है। SIT जांच और CCTV फुटेज में सामने आए तथ्यों के बाद यह कार्रवाई की गई, जिससे पूरे मामले ने नया मोड़ ले लिया है।
CCTV फुटेज के बाद दर्ज हुई पहली FIR
सूत्रों के मुताबिक मंदिर परिसर में लगे CCTV कैमरों की जांच के दौरान कुछ लोगों की गतिविधियां संदिग्ध पाई गईं। आरोप है कि चढ़ावे की राशि के प्रबंधन और गणना के दौरान कथित हेरफेर के संकेत मिले थे। इन्हीं तथ्यों के आधार पर मंदिर ट्रस्ट ने शिकायत दर्ज कराई, जिसके बाद पुलिस ने मुकदमा दर्ज किया।
यह मामला सामने आने के बाद राम मंदिर की दान व्यवस्था और नकदी प्रबंधन प्रणाली पर भी सवाल उठने लगे थे।
किन लोगों के खिलाफ दर्ज हुआ मुकदमा
एफआईआर में 8 लोगों को नामजद किया गया है। इनमें प्रमुख रूप से रमाकांत यादव उर्फ टिन्नू यादव, लव कुश और अनुकल्प मिश्रा के नाम शामिल हैं। इसके अलावा पांच अन्य लोगों को भी आरोपी बनाया गया है।
पुलिस ने कुछ अज्ञात व्यक्तियों को भी मामले में शामिल किया है, जिनकी पहचान जांच के दौरान की जाएगी।
हालांकि, इस पूरे मामले में राम मंदिर ट्रस्ट के महासचिव चंपत राय का नाम एफआईआर में शामिल नहीं किया गया है।
गंभीर धाराओं में दर्ज हुआ केस
पुलिस ने भारतीय न्याय संहिता (BNS) की कई गंभीर धाराओं के तहत मुकदमा दर्ज किया है। इनमें कर्मचारी द्वारा चोरी, आपराधिक विश्वासघात, चोरी की संपत्ति के लेन-देन और उसे छिपाने में सहयोग, आपराधिक साजिश तथा सामूहिक अपराध से जुड़ी धाराएं शामिल हैं।
कानूनी जानकारों का कहना है कि इन धाराओं के तहत दोष सिद्ध होने पर कड़ी सजा का प्रावधान है।
SIT जांच के बाद तेज हुई कार्रवाई
मामले की गंभीरता को देखते हुए 13 जून को तीन सदस्यीय विशेष जांच दल (SIT) का गठन किया गया था। जांच टीम ने लगातार छह दिनों तक मंदिर परिसर में पड़ताल की और 50 से अधिक लोगों से पूछताछ की।
SIT ने अपनी प्रारंभिक रिपोर्ट शासन को सौंप दी है, जबकि अंतिम रिपोर्ट अभी तैयार की जा रही है। माना जा रहा है कि आगे की जांच में और भी महत्वपूर्ण तथ्य सामने आ सकते हैं।
मंदिर प्रशासन ने बदली पूरी व्यवस्था
जांच के दौरान सामने आए तथ्यों के बाद राम मंदिर प्रशासन ने चढ़ावे और नकदी प्रबंधन से जुड़ी व्यवस्था में कई बड़े बदलाव किए हैं।
पुराने कर्मचारियों की जगह नए कर्मचारियों और बैंकिंग विशेषज्ञों को जिम्मेदारी दी गई है। काउंटिंग रूम की निगरानी बढ़ाई गई है और CCTV सिस्टम को और मजबूत किया गया है। इसके अलावा बैंक में नकदी जमा करने के लिए तीन-स्तरीय सत्यापन प्रक्रिया लागू की गई है।
मंदिर प्रशासन का कहना है कि श्रद्धालुओं के विश्वास को बनाए रखने और पारदर्शिता सुनिश्चित करने के लिए सभी आवश्यक कदम उठाए जा रहे हैं।
जांच पर टिकी हैं सभी की निगाहें
राम मंदिर देश की आस्था का सबसे बड़ा केंद्र माना जाता है। ऐसे में चढ़ावे से जुड़े इस मामले ने राष्ट्रीय स्तर पर चर्चा छेड़ दी है। अब सभी की निगाहें SIT की अंतिम रिपोर्ट और पुलिस जांच पर टिकी हैं, जिससे यह स्पष्ट हो सकेगा कि कथित अनियमितताओं की वास्तविक तस्वीर क्या है और इसके लिए कौन जिम्मेदार है।