
UP ITI Transfer List 2026: 65 अनुदेशकों के तबादले, वाराणसी-मिर्जापुर समेत कई जिलों में बड़ी फेरबदलउत्तर प्रदेश सरकार ने व्यावसायिक शिक्षा, कौशल विकास एवं उद्यमशीलता विभाग के अंतर्गत कार्यरत अनुदेशकों के बड़े पैमाने पर तबादले किए हैं। शासन ने प्रदेश के विभिन्न राजकीय औद्योगिक प्रशिक्षण संस्थानों (ITI) में तैनात 65 अनुदेशकों की नई पोस्टिंग का आदेश जारी किया है। इस प्रशासनिक फेरबदल का असर वाराणसी, मिर्जापुर, गाजीपुर, गोरखपुर, आगरा, मेरठ, प्रयागराज और रायबरेली समेत कई जिलों पर पड़ेगा।
शासन का कहना है कि यह कदम आईटीआई संस्थानों में मानव संसाधनों के संतुलित उपयोग और प्रशिक्षण व्यवस्था को अधिक प्रभावी बनाने के उद्देश्य से उठाया गया है।
प्रशिक्षण निदेशालय की संस्तुति के बाद जारी हुआ आदेश
संयुक्त सचिव मनोज वर्मा की ओर से जारी आदेश में बताया गया है कि प्रशिक्षण निदेशालय की संस्तुति और शासन स्तर पर विस्तृत विचार-विमर्श के बाद स्थानांतरण प्रक्रिया को अंतिम रूप दिया गया। इसके तहत विभिन्न व्यवसायों से जुड़े अनुदेशकों को नई जिम्मेदारियां सौंपी गई हैं।
स्थानांतरण सूची में वेल्डर, फिटर, इलेक्ट्रिशियन, COPA, रेफ्रिजरेशन एंड एयर कंडीशनिंग (RAC), ड्राफ्ट्समैन, इंजीनियरिंग ड्राइंग, मैकेनिक ट्रैक्टर और फैशन डिजाइन टेक्नोलॉजी जैसे महत्वपूर्ण ट्रेडों के अनुदेशक शामिल हैं।
कई जिलों में बदली तैनाती, कुछ पुराने आदेश भी निरस्त
जारी सूची के अनुसार कई अनुदेशकों को एक जिले से दूसरे जिले में स्थानांतरित किया गया है। वहीं कुछ मामलों में पहले जारी किए गए स्थानांतरण आदेशों को निरस्त करते हुए नई तैनाती दी गई है।
सरकारी सूत्रों के अनुसार यह बदलाव प्रशिक्षण संस्थानों में शिक्षण व्यवस्था को मजबूत करने और विभिन्न ट्रेडों में प्रशिक्षकों की उपलब्धता सुनिश्चित करने के लिए किया गया है।
वाराणसी समेत पूर्वांचल के कई जिले प्रभावित
स्थानांतरण सूची में वाराणसी, मिर्जापुर और गाजीपुर जैसे पूर्वांचल के प्रमुख जिले भी शामिल हैं। इसके अलावा मुजफ्फरनगर, बरेली, मेरठ, आगरा, गोरखपुर, प्रयागराज, रायबरेली, शामली और अमरोहा सहित प्रदेश के अनेक जिलों में कार्यरत अनुदेशकों की नई तैनाती तय की गई है।
इस फैसले के बाद कई आईटीआई संस्थानों में स्टाफ संरचना में बदलाव देखने को मिलेगा।
प्रशिक्षण व्यवस्था को मजबूत करने पर सरकार का फोकस
प्रदेश सरकार पिछले कुछ वर्षों से कौशल विकास और रोजगारपरक प्रशिक्षण को बढ़ावा देने पर विशेष जोर दे रही है। इसी कड़ी में आईटीआई संस्थानों में प्रशिक्षकों की उपलब्धता और कार्यकुशलता बढ़ाने के लिए यह प्रशासनिक फेरबदल किया गया है।
शासन का मानना है कि योग्य और अनुभवी अनुदेशकों की आवश्यकता वाले संस्थानों में तैनाती से प्रशिक्षण की गुणवत्ता में सुधार होगा और छात्रों को बेहतर तकनीकी शिक्षा मिल सकेगी।