
Chandauli News: करीब नौ साल पुराने 44 लाख रुपये के निवेश घोटाले में आर्थिक अपराध शाखा (EOW) वाराणसी को बड़ी सफलता मिली है। टीम ने लंबे समय से फरार चल रहे 25 हजार रुपये के इनामी आरोपी आकाश कुमार को नई दिल्ली से गिरफ्तार कर लिया। आरोपी के खिलाफ मुख्य न्यायिक मजिस्ट्रेट की अदालत से गिरफ्तारी वारंट भी जारी था। गिरफ्तारी के बाद ईओडब्ल्यू की टीम उसे ट्रांजिट रिमांड पर चंदौली लेकर पहुंची।
आकाश कुमार नई दिल्ली के पंचशील विहार का रहने वाला है और एसआरजी पालीपेट प्राइवेट लिमिटेड का निदेशक है। उसकी गिरफ्तारी पर पुलिस अधीक्षक आकाश पटेल ने 25 हजार रुपये का इनाम घोषित किया था।
डायरेक्टर और शेयरधारक बनाने का झांसा देकर की थी 44 लाख की ठगी
ईओडब्ल्यू की जांच में सामने आया कि वर्ष 2015 में आकाश कुमार और उसके सहयोगी दीपक जायसवाल ने मुगलसराय निवासी संतोष कुमार को कंपनी में निदेशक, शेयरधारक और व्यावसायिक साझेदार बनाने का लालच दिया। इस भरोसे में पीड़ित ने कुल करीब 44 लाख रुपये निवेश कर दिए।
जांच के मुताबिक, पीड़ित ने चेक के माध्यम से आकाश कुमार के दो बैंक खातों में लगभग 17 लाख रुपये, दीपक जायसवाल के खातों में करीब 12 लाख रुपये और कंपनी के खातों में लगभग 15 लाख रुपये ट्रांसफर किए।
फर्जी दस्तावेज देकर रकम हड़पी
रकम मिलने के बाद आरोपियों ने कथित तौर पर फर्जी शेयरधारक दस्तावेज सौंप दिए। न तो पीड़ित को कंपनी में वैधानिक भागीदारी दी गई और न ही निवेश की गई रकम या उसका मुनाफा लौटाया गया। जब पीड़ित को धोखाधड़ी का पता चला तो वर्ष 2017 में मुगलसराय थाने में मुकदमा दर्ज कराया गया।
ठिकाने बदलकर बचता रहा आरोपी
जांच के दौरान सह-आरोपी दीपक जायसवाल को पहले ही गिरफ्तार किया जा चुका था, जबकि आकाश कुमार लगातार गिरफ्तारी से बचने के लिए दिल्ली, धनबाद और गोवा समेत कई शहरों में अपने ठिकाने बदलता रहा। लगातार तकनीकी निगरानी और सूचना जुटाने के बाद ईओडब्ल्यू ने उसे नई दिल्ली से गिरफ्तार कर लिया।
ट्रांजिट रिमांड पर चंदौली लाई गई टीम
आर्थिक अपराध शाखा की टीम आरोपी को ट्रांजिट रिमांड पर चंदौली लेकर पहुंची है। पुलिस अब मामले में आगे की कानूनी कार्रवाई के साथ निवेश की गई रकम और अन्य तथ्यों की भी जांच कर रही है।