
Chandauli News: जन समस्याओं के त्वरित, पारदर्शी और गुणवत्तापूर्ण निस्तारण को लेकर चंदौली प्रशासन एक्शन मोड में नजर आया। शनिवार को सकलडीहा तहसील सभागार में आयोजित जनपद स्तरीय संपूर्ण समाधान दिवस में जिलाधिकारी चंद्र मोहन गर्ग और पुलिस अधीक्षक आकाश पटेल ने फरियादियों की समस्याएं सुनीं। इस दौरान अधिकारियों को स्पष्ट निर्देश दिए गए कि किसी भी शिकायत के निस्तारण में लापरवाही बर्दाश्त नहीं की जाएगी और प्रत्येक प्रकरण का समाधान तय समय सीमा के भीतर सुनिश्चित किया जाए।
195 शिकायतें पहुंचीं, 16 का मौके पर हुआ निस्तारण
संपूर्ण समाधान दिवस में कुल 195 प्रार्थना पत्र प्राप्त हुए। इनमें से 16 मामलों का मौके पर ही निस्तारण कर दिया गया, जबकि 6 मामलों में पुलिस और राजस्व विभाग की संयुक्त टीम गठित कर जांच एवं कार्रवाई के निर्देश दिए गए। शेष शिकायतों के समयबद्ध समाधान के लिए संबंधित विभागों को जिम्मेदारी सौंपी गई।
भूमि, बिजली, सिंचाई और पुलिस से जुड़ी शिकायतें सबसे ज्यादा
जिलाधिकारी ने बताया कि समाधान दिवस में सबसे अधिक शिकायतें भूमि विवाद, सिंचाई, विद्युत आपूर्ति और पुलिस से संबंधित रहीं। उन्होंने अधिकारियों को निर्देश दिया कि इन मामलों को प्राथमिकता के आधार पर निस्तारित किया जाए और शिकायतकर्ताओं को अनावश्यक रूप से कार्यालयों के चक्कर न लगाने पड़ें।
गुणवत्तापूर्ण निस्तारण पर दिया विशेष जोर
जिलाधिकारी चंद्र मोहन गर्ग ने कहा कि केवल शिकायतों का निस्तारण दिखाना पर्याप्त नहीं है, बल्कि समाधान ऐसा हो जिससे शिकायतकर्ता पूरी तरह संतुष्ट हो। उन्होंने सभी विभागों को निर्देश दिए कि प्रत्येक प्रकरण का निष्पक्ष, पारदर्शी और गुणवत्तापूर्ण निस्तारण सुनिश्चित किया जाए।
साथ ही वृद्धावस्था पेंशन, दिव्यांग पेंशन, निराश्रित महिला पेंशन, निर्विवाद वरासत और अन्य जनकल्याणकारी योजनाओं से जुड़े मामलों का तत्काल समाधान करने के निर्देश भी दिए।
आईजीआरएस से हो रही है हर शिकायत की निगरानी
बैठक के दौरान जिलाधिकारी ने कहा कि सभी शिकायतों की निगरानी आईजीआरएस (IGRS) पोर्टल के माध्यम से की जा रही है। प्रत्येक विभाग के लिए शिकायतों के निस्तारण की समय सीमा तय है और उसका पालन करना अनिवार्य है। उन्होंने कहा कि पहले की तुलना में शिकायतों का निस्तारण बेहतर हुआ है, लेकिन अभी भी सुधार की पर्याप्त गुंजाइश है।
किसानों की समस्याएं रहेंगी सर्वोच्च प्राथमिकता
समाधान दिवस के दौरान किसानों ने धान की खेती के लिए पानी, बिजली और खाद की उपलब्धता का मुद्दा उठाया। इस पर जिलाधिकारी ने संबंधित विभागों को निर्देश देते हुए कहा कि खेती के इस महत्वपूर्ण समय में किसी भी किसान को सिंचाई, बिजली या उर्वरक की समस्या नहीं होनी चाहिए। यदि कहीं लापरवाही मिली तो संबंधित अधिकारियों की जवाबदेही तय की जाएगी।
डीएम बोले- हर फरियादी की बात गंभीरता से सुनें अधिकारी
जिलाधिकारी ने सभी अधिकारियों से कहा कि संपूर्ण समाधान दिवस में आने वाले प्रत्येक व्यक्ति की समस्या को संवेदनशीलता के साथ सुनें और उसका समाधान निर्धारित समय सीमा के भीतर करें। उन्होंने स्पष्ट किया कि सरकार की मंशा है कि जनता को न्याय और सरकारी सेवाएं बिना अनावश्यक देरी के उपलब्ध हों।
ये अधिकारी रहे मौजूद
बैठक में पीडी डीआरडीए बी.बी. सिंह, उप जिलाधिकारी आकांक्षा सिंह, पुलिस क्षेत्राधिकारी कृष्ण मुरारी शर्मा, जिला बेसिक शिक्षा अधिकारी सचिन कुमार, जिला पंचायती राज अधिकारी अविनाश कुमार, तहसीलदार, नायब तहसीलदार, खंड विकास अधिकारी सहित विभिन्न विभागों के अधिकारी एवं कर्मचारी मौजूद रहे।