
Varanasi News: दिल्ली के जंतर-मंतर पर चल रहे छात्र आंदोलन की गूंज सोमवार को काशी हिंदू विश्वविद्यालय (BHU) परिसर में भी सुनाई दी। विभिन्न मांगों को लेकर बड़ी संख्या में छात्र-छात्राओं ने विश्वविद्यालय परिसर में विरोध मार्च निकाला। प्रदर्शन के दौरान छात्रों ने केंद्रीय शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान से नैतिक जिम्मेदारी लेते हुए इस्तीफा देने की मांग भी उठाई।
विश्व मंदिर से शुरू हुआ विरोध मार्च
सोमवार शाम करीब चार बजे छात्र-छात्राएं विश्वविद्यालय परिसर स्थित विश्व मंदिर के सामने एकत्र हुए। यहां से उन्होंने शांतिपूर्ण मार्च शुरू किया और अपनी मांगों के समर्थन में नारेबाजी करते हुए आगे बढ़े। प्रदर्शन में बड़ी संख्या में छात्र शामिल रहे।
पुलिस ने बैरिकेडिंग कर रोका मार्च
मार्च के दौरान प्रशासन ने कई स्थानों पर बैरिकेडिंग लगाकर छात्रों को रोकने का प्रयास किया, लेकिन प्रदर्शनकारी आगे बढ़ते रहे। बाद में सरसुंदर लाल अस्पताल के सामने पुलिस और प्रशासन ने मार्च को रोक दिया। इसके बाद छात्र वहीं धरने पर बैठ गए और करीब एक घंटे तक नारेबाजी करते हुए सभा की।
सरकार पर लगाए अनदेखी के आरोप
प्रदर्शन के दौरान छात्रों ने आरोप लगाया कि छात्रों से जुड़े महत्वपूर्ण मुद्दों की लगातार अनदेखी की जा रही है। उन्होंने परीक्षा व्यवस्था और शिक्षा से जुड़े विभिन्न मामलों पर सरकार से जवाबदेही तय करने की मांग की। साथ ही केंद्रीय शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान से नैतिक आधार पर इस्तीफा देने की मांग भी दोहराई।
वार्ता के बाद शांतिपूर्ण ढंग से समाप्त हुआ प्रदर्शन
करीब दो घंटे तक चले विरोध प्रदर्शन के बाद पुलिस अधिकारियों ने छात्र प्रतिनिधियों से बातचीत की। वार्ता के बाद छात्रों ने अपना प्रदर्शन शांतिपूर्ण ढंग से समाप्त कर दिया। पूरे कार्यक्रम के दौरान विश्वविद्यालय की प्रॉक्टोरियल टीम और पुलिस बल मौके पर मौजूद रहा तथा सुरक्षा व्यवस्था बनाए रखी गई।