
Bihar Election Phase 2 Voting: बिहार के मुख्य निर्वाचन अधिकारी के ऑफ़िस की ओर से जारी आंकड़ों के मुताबिक़, अब तक सबसे अधिक वोटिंग किशनगंज में हुई है. यहां 76.26 प्रतिशत वोटिंग दर्ज की गई है। वहीं सबसे कम 57.11 प्रतिशत वोटिंग नवादा में दर्ज की गई है। 20 में से 8 ज़िलों में सर्वाधिक मतदान हुआ- किशनगंज में 76.26, पुर्णिया में 73.79, कटिहार में 75.23, सुपौल में 70.69, पूर्वी चंपारण में 69.31, बांका में 68.91, गया में 67.50 और जमुई में 67.81 प्रतिशत मतदान हुआ। सिर्फ नवादा को छोड़कर बाकी ज़िलों में 60 परसेंट से अधिक वोटिंग हुई.
बिहार विधानसभा चुनाव 2025 के पहले चरण का मतदान 6 नवंबर को हुआ था। पहले चरण में 121 सीटों पर रिकॉर्ड 64.66% वोटिंग हुई थी।
राज्य निर्वाचन आयोग के अनुसार, दूसरे चरण के लिए 45,399 मतदान केंद्र बनाए गए हैं, जिनमें से 40,000 से अधिक ग्रामीण इलाकों में हैं। कुल मतदाताओं में करीब 1.75 करोड़ महिलाएं शामिल हैं। सबसे बड़ी सीट हिसुआ (नवादा) में 3.67 लाख से ज्यादा मतदाता हैं, जबकि लौरिया, रक्सौल, सुगौली और बनमखी में सबसे अधिक 22 प्रत्याशी चुनाव मैदान में हैं।
जानिए बिहार चुनाव के दूसरे चरण से जुड़ी 10 बड़ी बातें-
- रिकॉर्ड तोड़ वोटिंग:
दोपहर 3 बजे तक 60% से अधिक मतदान हो चुका है, जो बिहार के अब तक के सभी रिकॉर्ड तोड़ सकता है।
- सबसे ज्यादा वोटिंग की उम्मीद:
सन 2000 में 62.57% और 1998 में 64.6% वोटिंग हुई थी — इस बार ये आंकड़ा पार हो सकता है।
- सीमांचल में सियासी संग्राम:
सीमांचल की 40 से अधिक सीटों पर मुस्लिम वोटरों की बड़ी भूमिका है, जहां AIMIM के असदुद्दीन ओवैसी, RJD और NDA आमने-सामने हैं।
- मुख्य उम्मीदवार मैदान में:
जेडीयू की लेशी सिंह, रेनू देवी, बीजेपी के नीरेज सिंह ‘बबलू’, और आरजेडी के कई दिग्गज नेता अपनी किस्मत आजमा रहे हैं।
- सुरक्षा के कड़े इंतजाम:
चार लाख से अधिक सुरक्षाकर्मी राज्यभर में तैनात किए गए हैं, खासकर सीमांचल और नेपाल बॉर्डर से सटे जिलों में।
- बीजेपी की शिकायत:
बीजेपी ने चुनाव आयोग से शिकायत की है कि आरजेडी अपने सोशल मीडिया हैंडल्स से गलत सूचनाएं फैला रही है।
- महिलाओं की बड़ी भागीदारी:
इस चरण में महिला मतदाताओं की भागीदारी पुरुषों से ज्यादा देखने को मिल रही है, जो मतदान प्रतिशत बढ़ाने में अहम साबित हो रही है।
- गांवों में भारी उत्साह:
ग्रामीण इलाकों में लंबी कतारें, खासकर मधुबनी, सुपौल, अररिया और किशनगंज जैसे जिलों में।
- प्रमुख सीटों पर हाईवोल्टेज मुकाबला:
सुपौल, गया टाउन, धमदाहा, और छातापुर की सीटों पर एनडीए और इंडिया गठबंधन के बीच कांटे की टक्कर।
- वोटिंग से निकलेगा बिहार का भविष्य:
यह चरण तय करेगा कि राज्य में नीतीश कुमार की सरकार दोबारा बनती है या विपक्ष सत्ता में वापसी करता है।
ALSO READ – सीमांचल बना ओवैसी की सियासत की अग्निपरीक्षा! बिहार चुनाव में AIMIM के लिए ‘सब या कुछ नहीं’ की लड़ाई