
West Bengal News: कोलकाता में नई बीजेपी सरकार के गठन के साथ ही पश्चिम बंगाल की राजनीति में बयानबाजी और आरोप-प्रत्यारोप का दौर तेज हो गया है। राज्य में पहली बार भारतीय जनता पार्टी की सरकार बनने के बाद कांग्रेस नेता अधीर रंजन चौधरी ने तृणमूल कांग्रेस प्रमुख ममता बनर्जी पर तीखा हमला बोला है। उन्होंने कहा कि पिछले कई वर्षों में बंगाल में हुई राजनीतिक हिंसा का परिणाम अब सामने आने लगा है।
पश्चिम बंगाल विधानसभा चुनाव में बीजेपी ने ऐतिहासिक जीत दर्ज करते हुए सत्ता पर कब्जा किया है। लंबे समय तक राज्य की राजनीति पर दबदबा बनाए रखने वाली तृणमूल कांग्रेस इस बार बड़ा झटका खाकर 80 सीटों तक सिमट गई। वहीं शुभेंदु अधिकारी के नेतृत्व में बीजेपी सरकार बनने के बाद राज्य की सियासत में नए समीकरण उभरते दिखाई दे रहे हैं।

‘हिंसा की राजनीति का अब जवाब मिलेगा’
न्यूज एजेंसी ANI से बातचीत के दौरान अधीर रंजन चौधरी ने कहा कि ममता बनर्जी के शासनकाल में बंगाल में जिस तरह की राजनीतिक हिंसा हुई, अब उसका राजनीतिक और जनतांत्रिक जवाब सामने आ रहा है। उन्होंने आरोप लगाया कि तृणमूल कांग्रेस ने विपक्षी दलों और धर्मनिरपेक्ष ताकतों को कमजोर करने की कोशिश की थी, लेकिन अब वही परिस्थितियां ममता बनर्जी के सामने चुनौती बनकर खड़ी हैं।
कांग्रेस नेता ने कहा कि जो माहौल वर्षों तक बंगाल में बनाया गया, जनता ने आखिरकार उसका जवाब चुनाव के जरिए दे दिया। उन्होंने यह भी कहा कि अब राज्य में जवाबदेही तय होने का दौर शुरू होगा।
INDIA गठबंधन पर भी दिया बड़ा बयान
अधीर रंजन चौधरी ने विपक्षी एकजुटता और INDIA गठबंधन को लेकर भी बड़ा बयान दिया। उन्होंने कहा कि यदि भविष्य में किसी प्रकार का राजनीतिक सहयोग होता है तो ममता बनर्जी को राहुल गांधी को INDIA गठबंधन का नेता स्वीकार करना होगा।
उन्होंने तंज कसते हुए कहा कि जो नेता पहले विपक्षी दलों को कमजोर करने में लगे थे, अब वही समर्थन की उम्मीद कर रहे हैं। इस बयान के बाद बंगाल की राजनीति में नई बहस शुरू हो गई है।
शुभेंदु अधिकारी सरकार का सख्त संदेश
मुख्यमंत्री पद संभालने के बाद शुभेंदु अधिकारी ने भी प्रशासनिक सख्ती और कानून-व्यवस्था को लेकर स्पष्ट संकेत दिए हैं। सरकार गठन के बाद अधिकारियों के साथ हुई शुरुआती बैठकों में उन्होंने जनता से किए गए वादों को प्राथमिकता के आधार पर लागू करने की बात कही।
सूत्रों के मुताबिक नई सरकार कानून व्यवस्था, भ्रष्टाचार नियंत्रण और प्रशासनिक सुधारों पर तेजी से काम करने की तैयारी में है। बीजेपी इस जीत को बंगाल की राजनीति में ऐतिहासिक बदलाव के रूप में पेश कर रही है।
बंगाल की राजनीति में नए अध्याय की शुरुआत
पश्चिम बंगाल की राजनीति लंबे समय तक वाम दलों और बाद में तृणमूल कांग्रेस के इर्द-गिर्द घूमती रही है। लेकिन इस चुनाव परिणाम ने राज्य की राजनीतिक तस्वीर बदल दी है। बीजेपी की जीत को केवल सत्ता परिवर्तन नहीं बल्कि बंगाल की राजनीतिक दिशा में बड़े बदलाव के संकेत के तौर पर देखा जा रहा है।