देश का गौरव, अपराधी जैसा व्यवहार क्यों? शिवपाल सिंह मामले में युवा संघर्ष मोर्चा ने उठाई निष्पक्ष जांच की मांग

Spread the love & Share it

Chandauli News

Chandauli News: ओलंपियन भाला फेंक खिलाड़ी शिवपाल सिंह से जुड़े मामले को लेकर अब सामाजिक संगठनों की ओर से निष्पक्ष जांच की मांग तेज हो गई है। युवा संघर्ष मोर्चा के संयोजक शैलेंद्र पांडेय एडवोकेट ने मुख्यमंत्री के नाम संबोधित ज्ञापन सौंपकर पूरे प्रकरण की जांच किसी स्वतंत्र एजेंसी से कराने की मांग की है। उनका कहना है कि मामले की निष्पक्ष जांच से ही सच्चाई सामने आएगी और आमजन का विश्वास कायम रहेगा।

‘शिवपाल सिंह चंदौली ही नहीं, देश का गौरव हैं’

ज्ञापन में शैलेंद्र पांडेय ने कहा कि शिवपाल सिंह ने अंतरराष्ट्रीय स्तर पर भारत का प्रतिनिधित्व कर देश और प्रदेश का नाम रोशन किया है। ऐसे खिलाड़ी के मामले में पुलिस को अत्यंत संवेदनशीलता और निष्पक्षता के साथ कार्रवाई करनी चाहिए थी। उन्होंने आरोप लगाया कि मामले की गहन जांच किए बिना जल्दबाजी में कार्रवाई की गई, जिससे खिलाड़ी की सामाजिक प्रतिष्ठा प्रभावित हुई।

पुलिस कार्रवाई पर उठाए सवाल

युवा संघर्ष मोर्चा ने आरोप लगाया कि शिवपाल सिंह को सार्वजनिक स्थान पर परेड कराकर न्यायिक हिरासत में भेजा गया, जो मानवीय संवेदनाओं और गरिमा के अनुरूप नहीं था। संगठन का कहना है कि किसी भी व्यक्ति के खिलाफ कानूनी कार्रवाई अपनी जगह है, लेकिन प्रक्रिया कानून और मानवाधिकारों के दायरे में होनी चाहिए।

‘युवा खिलाड़ियों का मनोबल टूटेगा’

शैलेंद्र पांडेय ने कहा कि यदि अंतरराष्ट्रीय स्तर पर देश का प्रतिनिधित्व करने वाले खिलाड़ियों के साथ इस प्रकार का व्यवहार होगा तो इससे युवा खिलाड़ियों का मनोबल प्रभावित होगा। उन्होंने कहा कि शिवपाल सिंह जैसे खिलाड़ी नई पीढ़ी के लिए प्रेरणा हैं और उनके साथ हुई घटना से गलत संदेश जा सकता है।

शिवपाल सिंह की उपलब्धियों का किया उल्लेख

ज्ञापन में शिवपाल सिंह की उपलब्धियों का भी उल्लेख किया गया। बताया गया कि उन्होंने वर्ष 2019 एशियाई एथलेटिक्स चैंपियनशिप (दोहा) में रजत पदक, वर्ल्ड मिलिट्री गेम्स (चीन) में स्वर्ण पदक जीता और 2018 एशियन गेम्स में भारत का प्रतिनिधित्व किया। इसके अलावा उन्होंने टोक्यो ओलंपिक 2020 में भी देश का प्रतिनिधित्व किया। उन्हें उत्तर प्रदेश सरकार द्वारा लक्ष्मण पुरस्कार से सम्मानित किया जा चुका है तथा प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने भी अपने कार्यक्रम ‘मन की बात’ में उनका उल्लेख किया था।

स्वतंत्र एजेंसी से जांच कराने की मांग

युवा संघर्ष मोर्चा ने मुख्यमंत्री से आग्रह किया है कि पूरे घटनाक्रम की जांच किसी स्वतंत्र एजेंसी से कराई जाए, ताकि निष्पक्ष रूप से तथ्यों की पड़ताल हो सके। संगठन का कहना है कि इससे न केवल सच्चाई सामने आएगी बल्कि आमजन के बीच न्याय व्यवस्था पर भरोसा भी मजबूत होगा।

संगठन ने कहा कि यदि जांच निष्पक्ष तरीके से होती है तो पूरे मामले की वास्तविकता स्पष्ट होगी और किसी भी प्रकार की आशंकाओं पर विराम लगेगा।


Spread the love & Share it

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *