
Chandauli News: स्वच्छ भारत मिशन (ग्रामीण) फेज-2 के तहत व्यक्तिगत शौचालयों की जियो टैगिंग में बेहद खराब प्रगति सामने आने के बाद चंदौली प्रशासन ने सख्त रुख अपनाया है। लक्ष्य के अनुरूप कार्य नहीं करने पर मुख्य विकास अधिकारी (CDO) आर. जगत साईं के निर्देश पर तीन विकास खंडों के सहायक विकास अधिकारियों (एडीओ पंचायत) का जुलाई माह का वेतन रोक दिया गया है। इस कार्रवाई के बाद पंचायत विभाग में हड़कंप मच गया है।
जिला पंचायत राज अधिकारी अविनाश कुमार ने बताया कि मुख्य विकास अधिकारी ने शुक्रवार को व्यक्तिगत शौचालयों की ऑनलाइन समीक्षा की। समीक्षा के दौरान भारत सरकार के पोर्टल पर जियो टैगिंग की प्रगति बेहद निराशाजनक पाई गई, जिससे जिले की समग्र रैंकिंग भी प्रभावित हो रही है।
इन ब्लॉकों में सबसे खराब रही प्रगति
समीक्षा के अनुसार वित्तीय वर्ष 2026-27 में विकास खंड चहनियां को 1098 शौचालयों की जियो टैगिंग का लक्ष्य दिया गया था, लेकिन सहायक विकास अधिकारी राजेश कुमार सिंह द्वारा अब तक केवल 132 शौचालयों की ही जियो टैगिंग कराई गई।
इसी प्रकार नौगढ़ विकास खंड में 519 शौचालयों के लक्ष्य के मुकाबले सहायक विकास अधिकारी उपेंद्र कुमार साहनी ने मात्र 62 शौचालयों का जियो टैग कराया।
वहीं नियामताबाद विकास खंड में 1062 शौचालयों के लक्ष्य के सापेक्ष सहायक विकास अधिकारी मनोज कुमार सिंह द्वारा केवल 93 शौचालयों की जियो टैगिंग कराई गई।
पहले भी दी गई थी अंतिम चेतावनी
जिला पंचायत राज अधिकारी ने बताया कि संबंधित अधिकारियों को पूर्व में मुख्य विकास अधिकारी के अनुमोदन से अंतिम चेतावनी जारी की गई थी। उन्हें स्पष्ट निर्देश दिए गए थे कि जुलाई माह के अंत तक निर्धारित लक्ष्य के सापेक्ष कम से कम 35 प्रतिशत प्रगति सुनिश्चित करें। इसके बावजूद अपेक्षित सुधार नहीं हुआ।
जुलाई का वेतन रोका, लक्ष्य पूरा करने के निर्देश
लगातार खराब प्रदर्शन और लापरवाही पर नाराजगी जताते हुए मुख्य विकास अधिकारी ने तीनों सहायक विकास अधिकारियों का जुलाई 2026 का वेतन तत्काल प्रभाव से अवरुद्ध करने के निर्देश दिए हैं। साथ ही सभी संबंधित अधिकारियों को जुलाई माह के अंत तक न्यूनतम 35 प्रतिशत जियो टैगिंग का लक्ष्य हर हाल में पूरा करने के आदेश दिए गए हैं।
प्रशासन ने स्पष्ट किया है कि सरकारी योजनाओं के क्रियान्वयन में लापरवाही किसी भी स्तर पर बर्दाश्त नहीं की जाएगी और भविष्य में भी खराब प्रदर्शन करने वाले अधिकारियों के खिलाफ इसी तरह की सख्त कार्रवाई जारी रहेगी।