टेलीग्राम-यूट्यूब से IPL बेटिंग का खेल! वाराणसी पुलिस ने 13 सटेरियों को दबोचा, महाराष्ट्र-राजस्थान तक फैला नेटवर्क

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Varanasi News

Varanasi News: वाराणसी कमिश्नरेट की क्राइम ब्रांच और एसओजी टीम ने ऑनलाइन IPL सट्टेबाजी कराने वाले एक बड़े संगठित गिरोह का पर्दाफाश किया है। पुलिस ने कार्रवाई करते हुए 13 शातिर आरोपियों को गिरफ्तार किया है। इनके कब्जे से 17 टच स्क्रीन मोबाइल फोन, 10 लैपटॉप और एक क्रिप्टो करेंसी डिजिटल वॉलेट बरामद किया गया है।

पुलिस के अनुसार आरोपी ऑनलाइन साइट्स, टेलीग्राम ग्रुप और सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म का इस्तेमाल कर लोगों को IPL मैचों पर सट्टा लगाने के लिए उकसाते थे। इसके लिए फर्जी यूट्यूबर और सोशल मीडिया इन्फ्लुएंसर्स के वीडियो बनाकर प्रचार किया जाता था।

ऑपरेशन चक्रव्यूह के तहत हुई बड़ी कार्रवाई

पुलिस आयुक्त मोहित अग्रवाल और अपर पुलिस आयुक्त अपराध के निर्देश पर अपराधियों के खिलाफ “जीरो टॉलरेंस” नीति के तहत अभियान चलाया जा रहा था। इसी क्रम में पुलिस उपायुक्त अपराध और अपर पुलिस उपायुक्त अपराध के पर्यवेक्षण में एसओजी टीम ने “ऑपरेशन चक्रव्यूह” के तहत कार्रवाई की।

चेकिंग के दौरान पुलिस को सूचना मिली कि कैंट थाना क्षेत्र के टकटकपुर स्थित सिद्धी हाइट्स के बेसमेंट में ऑनलाइन सट्टेबाजी का बड़ा नेटवर्क संचालित किया जा रहा है। इसके बाद टीम ने छापा मारकर मौके से 13 आरोपियों को गिरफ्तार कर लिया।

ऐसे फंसाते थे लोगों को

पुलिस जांच में सामने आया कि आरोपी तकनीकी तरीके से लोगों को अपने जाल में फंसाते थे। ये लोग टेलीग्राम ग्रुप, फर्जी वेबसाइट और सोशल मीडिया अकाउंट बनाकर IPL मैचों में पैसा लगाने पर मोटे मुनाफे का लालच देते थे।

इसके अलावा मशहूर यूट्यूबर और सोशल मीडिया इन्फ्लुएंसर्स की फर्जी वीडियो तैयार कर उन्हें प्रचार के लिए इस्तेमाल किया जाता था। भोले-भाले लोगों को भरोसे में लेकर ऑनलाइन सट्टा खिलाया जाता था।

कई राज्यों से जुड़े आरोपी

गिरफ्तार आरोपियों का नेटवर्क उत्तर प्रदेश, महाराष्ट्र, बिहार और राजस्थान तक फैला हुआ था। पुलिस के अनुसार आरोपी वाराणसी, जौनपुर, इटावा, फतेहपुर, गया, जयपुर और महाराष्ट्र के पालघर इलाके से जुड़े हैं।

मुख्य आरोपियों में रितेश दिवाकर शुक्ला, रवि यादव, अर्पित तिवारी, अमन सिंह, विकास पटेल, जियाउलहक, सचिन सिंह उर्फ शैलेन्द्र, गौरव चौहान, देवेश चौहान, अनिकेत कुमार, अमित तिवारी, सौरभ चौहान और राहुल मौर्या शामिल हैं।

मौके से क्या-क्या बरामद हुआ

छापेमारी के दौरान पुलिस ने आरोपियों के कब्जे से 17 टच स्क्रीन मोबाइल फोन, 10 लैपटॉप, एक क्रिप्टो करेंसी डिजिटल वॉलेट और 1350 रुपये नकद बरामद किए।

पुलिस को शक है कि सट्टेबाजी से जुड़े लेनदेन में क्रिप्टो करेंसी का भी इस्तेमाल किया जा रहा था। बरामद इलेक्ट्रॉनिक उपकरणों की जांच कर नेटवर्क से जुड़े अन्य लोगों की जानकारी जुटाई जा रही है।

सुबह तड़के हुई गिरफ्तारी

पुलिस के मुताबिक यह कार्रवाई 1 जून 2026 को सुबह करीब 5:05 बजे कैंट थाना क्षेत्र के सिद्धी हाइट्स बेसमेंट में की गई। कार्रवाई के दौरान एसओजी और कैंट थाना पुलिस की संयुक्त टीम मौजूद रही।

आगे की जांच में जुटी पुलिस

पुलिस अब आरोपियों के बैंक खातों, डिजिटल ट्रांजैक्शन और सोशल मीडिया नेटवर्क की जांच कर रही है। यह भी पता लगाया जा रहा है कि इस गिरोह के तार देश के अन्य राज्यों या अंतरराष्ट्रीय नेटवर्क से जुड़े हैं या नहीं।

कमिश्नरेट पुलिस का कहना है कि ऑनलाइन सट्टेबाजी और साइबर अपराध से जुड़े गिरोहों के खिलाफ आगे भी अभियान जारी रहेगा।


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